देश का सबसे बड़ा सोना लुटेरा सुबोध जेल में जबकि मनीष मुठभेड़ में मारा जा चुका, फिर किसने लुटा करोड़ो का सोना ?

देश का सबसे बड़ा सोना लुटेरा सुबोध जेल में जबकि मनीष मुठभेड़ में मारा जा चुका, फिर किसने लुटा करोड़ो का सोना ?

Patna:  नीतीश कुमार की सुशासन वाली सरकार में सोना लुटेरों नें तो रिकार्ड कायम कर दिया।पटना में आजतक इतनी बड़ी लुट की घटना नहीं हुई थी। शहर के अतिव्यस्त इलाका आशियाना-दीघा रोड स्थित एक बड़े सोने की दुकान को लुटेरों ने अपना टारगेट बनाया और करीब 4 करोड़ रू मूल्य से अधिक के गहने लूट कर चलते बने।अपराधी करीब बीस मिनट तक दूकान को लुटते रहे और  दूकान का मालिक थानेदार से लेकर आईजी को फोन करते रह गया। पुलिस जबतक आती उसके काफी पहले लुटेरे  आराम से शहर की तरफ यानि आशियाना- बेली रोड़ की तरफ  जा चुके थे।

सुशासन की पुलिस खुद स्वीकार कर रही है कि इतनी बड़ी लुट की घटना राजधानी में नहीं घटी थी।ऐसे में यह बात साफ हो रहा कि सोना लुटेरा का गैंग कोई छोटा-मोटा नहीं होगा।राजधानी पटना की तेजतर्रार पुलिस अभी तक अंधेरे में हीं तीर चला रही है।अबतक पुलिस किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पायी है।

सबसे बड़ा लुटेरा है जेल में

अगर  बड़े सोना लुटेरों की बात किया जाए तो सुबोध सिंह का नाम सबसे ऊपरी पायदान पर आता है।वह देश का सबसे बड़ा सोना लुटेरा माना जाता है।कुख्यात सुबोध को तत्कालीन आईजी ऑपरेशन कुन्दन कृष्णन ने पिछले साल रूपसपुर इलाके से मुठभेड़ के बाद करीब 5 करोड़ मूल्य के सोने के साथ धऱ दबोचा था।उसके पास से भारी मात्रा में सोना बरामद हुआ था। 

दूसरा सबसे बड़ा लुटेरा मारा गया

गिरोह का दूसरा सबसे बड़ा चेहरा रहे मनीष जो बाद में सुबोध से अलग होकर  सोना लुट में  अपना साम्रज्य फैला रहा था वह वैशाली में मुठभेड़ में मारा गया।तत्कालीन एडीजी मुख्यालय कुन्दन कृष्णन को जानकारी मिली थी बड़ा सोना लुटेरा मनीष वैशाली के एक गांव में छुपा है   इसके बाद एडीजी ने एसटीएफ की टुकड़ी भेज कर नाकेबन्दी किया और सरेंडर करने को कहा। इसके बाद मनीष और उसके गुर्गे पुलिस पर एके47 से फायरिंग करने लगे।जिस पर पुलिस ने जवााबी कार्रवाई की और सोना लुटेरा गैंग का दूसरा सबसे बड़ा चेहरा अपने दो साथियों के साथ वहीं पर ढ़ेर हो गया। हालांकि मुठभेड के बाद  गिरोह कई मेम्बर बच कर  भाग निकलेा।

गिरोह का दो सदस्य बाहर

अब बड़ा सवाल है कि सबसे बड़ा सोना लुटेरा  मनीष मारा गया और सुबोध सिंह जेल में है तो आखिर कौन सा नया गिरोह राजधानी या उसके आसपास के इलाके में सक्रिय हुआ।बताया जाता है कि गैंग के दो लुटेरे  सन्नी और धर्मवीर जेल से बाहर है । तो क्या ये दोनों एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं।

बता दें कि  इस बड़ी लूट से कुछ दिन पहले रूपसपुर में भी दिनदहाड़े अपराधियों ने ज्वेलरी दुकान को अपना टारगेट बनाया था ।बताया जाता है कि जिस तरह से रूपसपुर में लुट की घटना को अंजाम दिया गया था  ठीक उसी तरह आज घटना को अंजाम दिया गया ।

पुलिस अब इस बिंदू पर भी पड़ताल कर रही है कि जब मनीष का इनकाउंटर हो गया ,सुबोध जेल में बंद है .वैसी स्थिति में क्या उसके गिरोह को कोई और  संचालित कर रहा है?पुलिस इसकी भी जांच कर रही है कि  इन दोनो गिरोह के अलावे कोई नया  सोना लुटेरा गिरोह पैदा तो नहीं हो गयाा है ?

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