इलाज नहीं होने से हताश कैदी ने कहा, अच्छा होता कि डॉक्टर जहर की सुई दे देते

इलाज नहीं होने से हताश कैदी ने कहा, अच्छा होता कि डॉक्टर जहर की सुई दे देते

SAHARSA :  सहरसा जेल में बंद एक कैदी को गंभीर बीमारी के बाद डीएमसीएच रेफर कर दिया गया है । लेकिन जिला प्रशासन और जेल प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण उसे अभी भी डीएमसीएच नहीं भेजा गया है। सहरसा सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने  उसके इलाज से हाथ खींच लिया है। उसकी हलात बिगड़ रही है। उसका कहना है कि इससे अच्छा होता कि उसे मौत का इंजेक्शन दे दिया जाता।

 क्या है कैदी की समस्या

इस कैदी का नाम है छविलाल यादव। जमीन की लडाई में उसे 7 जुलाई को जेल भेजा गया था। जेल जाने के कुछ दिनों के बाद छविलाल की पेशाब नली में दर्द होने लगा। अस्पताल के डॉक्टर को उसने अपनी समस्या बतायी। इसके बाद कम्पाउंडर ने उसकी पेशाब नली में एक पाइप लगा दिया। इससे उसका दर्द और बढ़ गया। फिर पाइप को निकाल दिया गया। इस क्रम में उसकी परेशानी और बढ़ गयी। उसकी पेशाब नली से खून निकलने लगा।

 जेल से भेजा गया सदर अस्पताल

जब छविलाल की समस्या बढ़ गयी तो उसे सदर अस्पताल में में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देख कर 23 जुलाई को ही डीएमसीएच रेफर कर दिया। रेफर किये जाने के बाद डॉक्टरों ने उसका इलाज बंद कर दिया।

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रेफर किये जाने के बाद नहीं हो रहा इलाज

पिछले सात दिनों से वह बिना इलाज के ही अस्पताल में पड़ा है। उसकी सुरक्षा में लगे सिपाही ने बहुत आरजू –मिन्नत की तो एक दिन उसे सुई दे दी गयी। उसने पिछले दो दिनों से खाना नहीं खाया है।

कैदी ने कहा,  जहर की सुई ही दे दीजिए

छविलाल दर्द से परेशान है। न तो उसे डीएमसीएच भेजा जा रहा है और न ही सहरसा के अस्पताल में उसका इलाज हो रहा है। उसकी समस्या बढ़ती जा रही है। वह इतना हताश है कि जहर की सुई लगाने की मांग करने लगा है। अफसरों की बेपरवाही उसकी जान जोखिम में डाल रही है।

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