सोना लूटकांड का उद्भेदन करनेवाले पुलिसकर्मियों को डीजीपी ने किया सम्मानित, कहा जान पर खेलकर अपराधियों को पकडती है पुलिस

सोना लूटकांड का उद्भेदन करनेवाले पुलिसकर्मियों को डीजीपी ने किया सम्मानित, कहा जान पर खेलकर अपराधियों को पकडती है पुलिस

BEGUSARAI : बेगूसराय में आज पुलिस और व्यवसाई के बीच संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. शहर के एक होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे शामिल हुए. इस मौके पर व्यवसायियों ने बेहतर काम करने वाले पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया. वही इस कार्यक्रम में डीजीपी ने बेहतर काम करने वाले पुलिस पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया. जिसमें मुख्य रूप से बेगूसराय के एसपी अवकाश कुमार, डीएसपी राजन सिन्हा सहित कई थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी शामिल थे. बताते चलें कि पिछले 12 नवंबर को बेगूसराय में अपराधियों ने लूट की एक बड़ी घटना को अंजाम दिया था. इस घटना में अपराधियों ने जहां एक ड्राइवर की हत्या कर दी थी. वही अपराधियों ने दो स्वर्ण व्यवसायियों को भी गोली मार दी थी. गढ़हरा थाना क्षेत्र में घटी इस घटना में अपराधी करोड़ों रुपए मूल्य का सोना लूट कर चलते बने. इस ब्लाइंड केस को सुलझाने में पुलिस का पूरा महकमा रात-दिन एक किए हुए था. जिसका परिणाम भी सार्थक निकला और बेगूसराय पुलिस ने लूटा गया 14 किलो 700 ग्राम सोना बरामद कर लिया. 


इसी सिलसिले में बिहार के डीजीपी ने इस लूट कांड में शामिल अपराधियों की धरपकड़ और सोना की बरामदगी के लिए इस टीम में शामिल सभी पुलिस पदाधिकारीयो को सम्मानित किया. बाद में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए डीजीपी ने कहा कि लूटा गया सोना बरामद करने में बेगूसराय के पुलिस कप्तान अवकाश कुमार के नेतृत्व में टीम ने शानदार और बेहतर काम किया है. उसे ही मै सम्मानित और प्रोत्साहित करने के लिए आया हूं. वहीँ डीजीपी ने कहा कि पुलिसकर्मी तो गालियां सुनने के लिए होते ही हैं. जब भी कोई घटना होती है तो लोग धरना देते हैं प्रदर्शन करते हैं आक्रोश मार्च निकालते हैं और न जाने क्या-क्या करते हैं. यहाँ तक कि बदनाम करने की कोशिश भी करते है. लेकिन  यही पुलिसकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर अपराधियों का पीछा करते हैं और उन्हें धर दबोचते है. यही पुलिसकर्मी अपराध नियंत्रण के लिए काम करते हैं. डीजीपी ने कहा की सोना लूट कांड के इस मामले में बेगूसराय के एसपी अवकाश कुमार ने शानदार और जानदार काम किया है. मैं उनकी प्रशंसा करता हूँ. 

अपराध नहीं रुकने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये चूहे बिल्ली का खेल है जिसे रोकने के लिए पुलिस काम करती है. नहीं रुकने पर उसे डिटेक्ट करने का काम कर पुलिस करती है. लेकिन ऐसा कोई दावा नहीं कर सकता कि अपराध को रोक दिया जाएगा. डीजीपी यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि अपराध रोकना सिर्फ पुलिस का काम नही है. आज काम उम्र के लड़के स्मैक और हीरोइन का सेवन कर रहे है. उनकी प्रवृति नशा की ओर बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि जब तक जनता नहीं जागेगी. अपराधियो के खिलाफ माहौल नही बनेगा. तब तक अपराध रोक पाना मुश्किल है. उन्होंने कहा कि जात के नाम पर, धर्म और मजहब के नाम पर, दल के नाम पर अपराधियों को समर्थन देने हीरो बनाने और पूजने का काम जनता कर रही है. उन्होंने कहा कि ऐसे में पुलिस अपराध नहीं रोक सकती है. हां पुलिस एक स्पेसिफिक एजेंसी जरूर है. लेकिन बिना जनता के सहयोग के अपराध रोक पाना मुश्किल है. अपराध को रोकने के लिए  सभी लोगों को उठना होगा, अपराध की संस्कृति के खिलाफ लड़ना होगा. तभी समाज में अपराध पूरी तरीके से नियंत्रित हो सकता है. 

बेगूसराय से कृष्णा की रिपोर्ट 

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