भ्रष्ट अफसरों की 'पत्नी' धनकुबेर! परिवहन MVI की पत्नी के नाम पर दानापुर में जमीन के 5 प्लॉट,...पाटलिपुत्रा वाले 'फ्लैट' की जानकारी संपत्ति के ब्योरा में छुपा लिया?

भ्रष्ट अफसरों की 'पत्नी' धनकुबेर! परिवहन MVI की पत्नी के नाम पर दानापुर में जमीन के 5 प्लॉट,...पाटलिपुत्रा वाले 'फ्लैट' की जानकारी संपत्ति के ब्योरा में छुपा लिया?

PATNA: अवैध बालू खनन में संलिप्तता के आरोपों में ईओयू भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ लगातार छापेमारी कर रही है। बुधवार को काली कमाई करने वाले एक सीओ और थानेदार के ठिकानों पर छापेमारी में अकूत संपत्ति का पता चला है। जांच में यह बात सामने आई कि भ्रष्ट अफसरों ने पत्नी के नाम पर पटना में जमीन खरीद मकान बनवाया। औरंगाबाद के बारुण के तत्कालीन अंचलाधिकारी वसंत कुमार राय और अजीमाबाद के थानेदार रहे कृपा शंकर साह पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर चार ठिकानों की तलाशी ली गई। वहीं, बालू खनन में मिलीभगत से माल बनाने वाले संबंधित जिलों के कुछ अफसर लपेटे में आने से बचे हुए हैं। वैसे लोग अवैध कमाई कर पत्नी के नाम पर संपत्ति बनाई है। अवैध कमाई पचाने के लिए पत्नी को बीमा एजेंट बना काले धन को सफेद बनाने की कोशिश की है। न्यूज4नेशन ने खुलासा किया था कि 2021 में मगध के एक जिले में तैनात परिवहन मोटर यान निरीक्षक (MVI) ने एजेंट पत्नी के नाम पर 2021 में एक ही दिन दानापुर में जमीन के तीन प्लॉट की रजिस्ट्री कराई। तीनों जमीन के क्रेता जो एमवीआई की पत्नी हैं उन्होंने राजधानी के पाटलिपुत्रा स्थिति फ्लैट का पता दिया है।

भ्रष्टाचार पर चोट-बेनकाब होंगे घूसखोर 

बालू खनन में परिवहन-पुलिस व अन्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई थी। इन अफसरों ने बालू माफियाओं से मिलकर मलाई खाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सरकार के आदेश पर जब ईओयू ने पटना, औरंगाबाद,छपरा में तैनात पुलिस-परिवहन-राजस्व-प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की जांच की तो भ्रष्ट अफसर बेनकाब हो गये। इन जिलों में तैनात एसपी से लेकर डीएसपी-एसडीओ,डीटीओ, एमवीआई,थानेदार, सीओ और खनन विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई हुई। हालांकि इन जिलों में तैनात कुछ अधिकारी साफ बच भी निकले। परिवहन विभाग के एक-दो ऐसे अधिकारी हैं जिनका उसी समय स्थानांतरण हो गया था। संयोग कहें या प्रयोग लेकिन इक्के-दुक्के लोग माल बटोरने के बाद बिना दाग लिये निकल लिये। जो पकड़े गये वो भ्रष्ट हो गये। पर जो जानकारी आई है वो चौंकाने वाली है। उसी इलाके के एक जिले में 2021 में तैनात रहे एमवीआई ने अपनी एजेंट पत्नी के नाम पर दानापुर इलाके में 5 मार्च 2021 को करोड़ों की जमीन खरीदा. एक ही दिन जो तीन प्लॉट की खऱीद की गई उसका बाजार मूल्य करोड़ों में है,हालांकि कागजी मूल्य लाखों में बताया गया है। 

एमवीआई की एजेंट पत्नी के नाम पर जमीन का डिटेल जानें  

आज हम आपको एमवीआई के पटना के दानापुर इलाके के उसरी में 5 मार्च 2021 को खरीदे गये उन तीनों प्लॉट के बारे में बताते हैं। एमवीआई ने एजेंट पत्नी के नाम पर एक दिन में तीन रजिस्ट्री कराई। पहला कागजात  4.55 डिसमिल, दूसरा कागजात 1.6 डिसमिल और तीसरा कागजात 4.6 डिसमिल का बना। यानि 5 मार्च को करीब 11 डिसमिल जमीन की खरीद एमवीआई की पत्नी के नाम पर की गई। वहीं पत्नी के नाम पर पहले से दानापुर में जमीन के दो कागजात जिसका रकबा करीब 7 डिसमिल है।  5 मार्च को जमीन निबंधन में पत्नी का पता सरदार पटेल कॉलोनी पीएंड मॉल पाटलिपुत्रा स्थित एक अपार्टमेंट का उल्लेख किया गया है। हालांकि एमवीआई ने जिस फ्लैट का पता निबंधन के कागजात में दिये हैं उसका उल्लेख वार्षिक संपत्ति के ब्योरा में नहीं दिया है। 

संयोग या प्रयोग? 2019 से पत्नी की कमाई में भारी इजाफा 

एमवीआई की पत्नी के नाम पर दानापुर में आवासीय जमीन की खरीद की गई है। एजेंट पत्नी की कमाई अचानक 2019 से बढ़ जाती है। इस दौरान एमवीआई बालू के बदनाम इलाके में ही तैनात थे। 2017 तक पत्नी की कमाई अधिक नहीं थी लेकिन 2019-20 से कमाई अचानक बढ़ गई। इनकम टैक्स के रूप में सरकार को 90 हजार रू देने का उल्लेख किया है। इसी दौरान एजेंट पत्नी ने 10 लाख का हाउस लोन लिया। जो बढ़ कर अगले वित्तीय वर्ष में 30 और अब 40 लाख के पार हो गई है। हालांकि मोटर यान निरीक्षक ने हाऊस लोन का उल्लेख तो किया है लेकिन हाउस की जानकारी छुपा ली है। जानकार बताते हैं कि 2021 में जमीन निबंधन में पत्नी ने जो एड्रेस दिया है उसी अपार्टमेंट में एमवीआई का फ्लैट है। निबंधन कागजात में उसने पता पटेल कॉलोनी पीएंड मॉल पाटलिपुत्रा स्थित एक अपार्टमेंट का दिया है। भ्रष्ट अफसरों की जांच में लगातार यह सामने आ रही है कि काले धन को सफेद बनाने के लिए तरह-तरह के हथकंड़े अपनाये जा रहे। इनमें एक है पत्नी को बीमा एजेंट दिखाना या फिर स्वरोजगार बताना। हालांकि जांच में काले धन को सफेद बनाने की सारी तैयारी धरी की धरी रह जा रही। अब देखना होगा इस मामले में जांच एजेंसी की जांच कब आगे बढ़ती है।

मोतिहारी समेत कई जिलों में कर चुके हैं काम

हम आपको बतायें कि एमवीआई नेपाल के सीमावर्ती इलाके के रहने वाले हैं। मोतिहारी से लेकर कई जिलों में पोस्टिंग रही। बालू में संलिप्तता के आरोप में जब अफसरों पर गाज गिरनी शुरू हुई थी तब इस एमवीआई का पड़ोसी राज्य की सीमा से सटे जिले से ट्रांसफर हो गया और सीमांचल इलाके में पोस्टिंग हो गई। 

CO-थानेदार की पत्नी भी धनकुबेर

औरंगाबाद के बारुण के तत्कालीन अंचलाधिकारी वसंत कुमार राय और अजीमाबाद के थानेदार रहे कृपा शंकर की पत्नी के नाम पर भी जमीन है। सीओ ने 2020 में दीघा में खरीदी जमीन, मकान भी बनाने लगे ईओयू के मुताबिक बारुण के तत्कालीन अंचलाधिकारी वसंत कुमार राय साल 2014 में अंचल निरीक्षक के पद पर नियुक्त हुए थे। सेवाकाल में उन्होंने पद का दुरुपयोग कर खुद और पत्नी के नाम पर संपत्तियां अर्जित की। पटना के दीघा में साल 2020 में उन्होंने पत्नी के नाम पर 35.62 लाख रुपए में चार डिसमिल जमीन खरीदी। इसपर चार मंजिला मकान बनाया जा रहा है। इन्होंने बीमा और अन्य वित्तीय संस्थानों में भी निवेश कर रखा है। वर्ष 2009 में दारोगा के पद पर सीधे नियुक्त हुए कृपा शंकर साह ने भी पद का दुरुपयोग कर कई संपत्तियां अर्जित की है। ईओयू के मुताबिक पत्नी के नाम पर मनेर में चार कट्ठा जमीन करीब 10 लाख रुपए में खरीदी है। वहीं रामकृष्णा नगर में खुद व पत्नी के नाम पर करीब 19 लाख में 15 धूर जमीन खरीदी और उसपर तीन तल्ला आलीशान मकान बनवाया है। वहीं बीमा, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय संस्थानों में निवेश के प्रमाण मिले हैं।  

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