दलितों को आरक्षण पर सरकार का फैसला - दूसरे धर्म को अपनाने पर नहीं मिलेगा लाभ

दलितों को आरक्षण पर सरकार का फैसला - दूसरे धर्म को अपनाने पर नहीं मिलेगा लाभ

पटना। दलितों को मिलनेवाले आरक्षण को लेकर राज्य सभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने एक बड़ी बात कही है। उन्होंने साफ कर दिया है कि जो लोग धर्मांतरण कर दूसरे धर्म को अपना चुके हैं, उन्हें सरकार की आरक्षण नीति का लाभ नहीं मिल सकता है। भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि कांग्रेस, राजद जैसे कुछ विपक्षी दल साजिशन ईसाई व मुस्लिम धर्म में धर्मान्तरित दलितों के लिए भी आरक्षण की मांग करते हैं। मगर संविधान में हिंदू, सिख व बौद्ध धर्मावलम्बी दलितों के लिए ही आरक्षण का प्रावधान है। ऐसे में भाजपा मुस्लिम व ईसाई धर्म को अपनाने वाले दलितों के लिए किसी भी कीमत पर आरक्षण के पक्ष में नहीं है।

शुक्रवार को भाजपा महादलित प्रकोष्ठ की ओर से प्रदेश कार्यालय के अटल सभागार में आयोजित संत शिरोमणि रविदास की 644 वीं जयंती पर आयोजित समारोह में सांसद ने कहा कि भाजपा एसएसी, एसटी की नौकरियों के आरक्षण में क्रीमीलेयर के पक्ष में नहीं है। इसलिए मोदी सरकार ने न केवल इसका पुरजोर विरोध किया है, बल्कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में 7 जजों की बेंच में भेजने की मांग की है। उन्होंने आगे कहा कि, इसी प्रकार जब सुप्रीम कोर्ट ने एससी, एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के कुछ प्रावधानों को हटाया तो नमो सरकार ने संविधान में संशोधन कर न केवल उसे पुनस्थार्पित किया बल्कि 23 नई धाराओं को जोड़ कर उसे और भी कठोर बनाया। एनडीए सरकार ने एससी समुदाय से 9,500 विकास मित्र, 4,842 ममता, 19,232 टोला सेवकों की नियुक्ति की। 

मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि दलित जब अपने अधिकार की बात करते हैं तो बिहार के विपक्षी दल भाग जाते हैं। एनडीए सरकार दलितों के उत्थान के लिए काम कर रही है। मंत्री जनक राम ने कहा कि संत रविदास ने दलित समाज को महत्वपूर्ण स्थान दिलाया। पूर्व मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा कि संत रविदास ने सनातन संस्कृति को बढ़ाया। 


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