DSP का गंदा कामः सरकारी आवास में लड़की से किया था 'रेप'! पत्नी से करता है मारपीट, पटना में भी दर्ज है केस

DSP का गंदा कामः सरकारी आवास में लड़की से किया था 'रेप'! पत्नी से करता है मारपीट, पटना में भी दर्ज है केस

PATNA: बिहार के एक डीएसपी ने एक नाबालिग लड़की से सरकारी आवास में रेप किया था। 3 साल बाद दुष्कर्म के इस मामले में तीन दिन पहले लड़की का बयान दर्ज हुआ है। नाबालिग दलित लड़की से रेप के मामले में गया के तत्कालीन डीएसपी मुख्यालय के खिलाफ 3 साल बाद केस दर्ज हुआ है। जिस डीएसपी पर लड़की से रेप का केस दर्ज हुआ है उस पर कई अन्य गंभीर आरोप हैं। डीएसपी कमलाकांत प्रसाद न सिर्फ बाहरी लड़कियों को हवस का शिकार बनाता था बल्कि पत्नी को भी प्रताड़ित करता था। डीएसपी ने पत्नी की काफी पिटाई की थी।इस मामले में उस पर पटना में केस दर्ज है। पत्नी ने साफ कहा है कि सरकार ऐसे अधिकारी पर कार्रवाई करे।

पत्नी ने थाने में की थी केस

वर्तमान में केंद्रीय चयन पर्षद में ओएसडी कमलाकांत प्रसाद पर पत्नी आनंद तनुजा ने ही मारपीट और जान से मारने का आरोप लगा पटना के रूपसपुर थाने में केस दर्ज कराई थी। पत्नी के आवेदन पर रूपसपुर थाने की पुलिस ने डीएसपी कमलाकांत प्रसाद पर 10 फऱवरी 2020 को केस किया गया था। पटना पुलिस की जांच में केस सही पाया गया। जांच अधिकारी ने डीएसपी पर लगे आरोप को सही पाया और 31 अगस्त 2020 को चार्जशीट दाखिल कर दिया है।  डीएसपी की पत्नी का कहना है कि उका पति कमलाकांत प्रसाद उन्हें प्रताड़ित और मारपीट करता था। पत्नी ने कहा कि शादी के 20 साल हो गए। 2005 में जब कमलाकांत प्रसाद डीएसपी हुआ इसके बाद प्रताड़ना शुरू हो गया। बाहर में यह लड़की के साथ रहने लगा और रेप करता था। यह गलत काम डीएसपी का अनवरत जारी है। 

गया में भी अब दर्ज हुआ केस

 पीड़ित युवती का बयान मंगलवार को ही गया कोर्ट में दर्ज हुआ है। जिसमें पीड़िता ने कोर्ट के समक्ष आरोप की पुष्टि की है। पीड़िता घटना के वक्त नाबालिक थी। पॉक्सो की विशेष लोक अभियोजक कैसर सरफुद्दीन ने बताया कि गया के तत्कालीन डीएसपी मुख्यालय के विरुद्ध 2017 में दशहरा के समय जिले के इमामगंज इलाके की एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का आरोप है। इस मामले को लेकर मंगलवार को पॉक्सो के विशेष जज नीरज कुमार के आदेश पर बयान दर्ज किया गया। न्यायिक दंडाधिकारी स्वाति सिंह के न्यायालय में पुलिस ने पीड़िता को प्रस्तुत किया जहां उसका बयान दर्ज किया गया है।पीड़िता ने कोर्ट में बताया कि जिस समय मेरे साथ घटना घटी थी आरोपी गया के डीएसपी मुख्यालय थे। भय  एवं डराने धमकाने साथ ही लोक लाज की वजह से घटना के संबंध में परिवार वालों को नहीं बताया था। साथ ही बयान में यह भी कहा गया है कि घटना के दिन पीड़िता उनके सरकारी आवास में मौजूद थी।

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