गोपालगंज में SFC परिवहन ठेकेदार के बड़े खेल का खुलासा, सरकारी अनाज को ठिकाना लगाने के लिए 'पत्नी' के नाम पर खोला आटा फैक्ट्री,अब जांच की आंच तेज

गोपालगंज में SFC परिवहन ठेकेदार के बड़े खेल का खुलासा, सरकारी अनाज को ठिकाना लगाने के लिए 'पत्नी' के नाम पर खोला आटा फैक्ट्री,अब जांच की आंच तेज

PATNA:  बिहार में हर जगह गड़बड़ी ही गड़बड़ी है। अफसर और ठेकेदार मिलकर गलत काम को भी सही कर रहे। खुलासे के बाद शिकायत भी होती है लेकिन कार्रवाई वाली फाइल दबा दी जाती है। गोपालगंज में एसएफसी के परिवहन ठेकेदार की पोल खुली। सत्ताधारी दल जेडीय़ू के पूर्व विधायक ने डीएम से कंप्लेन भी किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पूर्व विधायक एसएफसी के प्रबंध निदेशक को सबूत देकर कार्रवाई का आग्रह किया है। 

गोपालगंज में बड़े खेल का खुलासा

गोपालगंज में एसएफसी के परिवहन ठेकेदार पर साक्ष्य छुपाकर टेंडर लेने का खुलासा हुआ है। परिवहन ठेकेदार अपनी पत्नी और बेटे के नाम पर आटा मिल का संचालन करते हैं। इसके पीछे का मकसद कहीं न कहीं सरकारी खाद्धान का कालाबाजारी कर आटा मिल में पहुंचाना है। पूरी जानकारी सामने आई तो जेडीयू के पूर्व विधायक मनजीत कुमार सिंह ने एसएससी के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा है. 25 अप्रैल 2022 को लिखे पत्र में जेडीयू के पूर्व विधायक ने जानकारी दी है कि गोपालगंज के एसएफसी परिवहन अभिकर्ता दिनेश प्रसाद तथ्यों को छुपा कर अपनी पत्नी एवं पुत्र के नाम से आटा मिल का संचालन कर रहे हैं. इस बात को उन्होंने टेंडर में छुपा लिया. निविदा की कंडिका संख्या 8- 3 डी के अनुसार परिवहन अभिकर्ता की नियुक्ति के समय यह शपथ पत्र दिया गया उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य के द्वारा आटा मिल या चावल मिल का संचालन नहीं किया जाता है. जबकि परिवहन ठेकेदार दिनेश प्रसाद द्वारा सोना एग्रो इंडस्ट्रीज चनावे थावे में आटा मिल का संचालन किया जा रहा है.

कालाबाजारी के लिए आटा मिल का संचालन

जेडीयू के पूर्व विधायक ने सबूत में बताया है कि मिल के पार्टनर के रूप में उनकी पत्नी नेत्रमणि देवी एवं पुत्र आलोक कुमार हैं . परिवहन अभिकर्ता दिनेश प्रसाद द्वारा तथ्यों को छुपाकर गेहूं की कालाबाजारी के लिए आटा मिल का संचालन किया जा रहा है जो गंभीर अनियमितता है. मनजीत कुमार सिंह ने इस संबंध में आटा मिल में पार्टनर डीड, जीएसटी का कागजात एवं निविदा की कंडिका संलग्न कर प्रबंध निदेशक से शिकायत की है. जेडीयू के पूर्व विधायक ने कहा है कि इस मामले में संज्ञान लेकर अविलंब कार्रवाई करें. इसके पहले पूर्व विधायक मंजीत कुमार सिंह ने गोपालगंज डीएम से शिकायत की थी. जांच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में दबा दिया गया. इस खुलासे के एसएफसी के प्रबंध निदेशक हरकत में आये हैं और जांच की फाइल बढ़ने लगी है।



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