आयकर छापेमारी से ‘परेशान’ उद्योग मंत्री समीर महासेठ ने दी सफाई, नीतीश के मंत्री का बड़ा बयान

आयकर छापेमारी से ‘परेशान’ उद्योग मंत्री समीर महासेठ ने दी सफाई, नीतीश के मंत्री का बड़ा बयान

पटना. बिहार के उद्योग मंत्री समीर महासेठ ने गुरुवार को सफाई दी कि पटना में जिन जगहों पर आयकर विभाग की छापेमारी चल रही है उससे उनका कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा कि जिस शख्स के यहां छापेमारी हुई है वे मेरे परिचित हैं लेकिन उनके व्यावसायिक कारोबार से मेरा कोई लेना देना नहीं है. उनके बिजनेस में मेरा कोई पैसा नहीं लगा है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि छापेमारी से जुड़ा मामला किन कारणों से हुआ है यह जांच का विषय है. फ़िलहाल इस पर किसी प्रकार की टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे. 

दरअसल, सोमवार सुबह बिहार के उद्योग मंत्री समीर महासेठ से जुड़े निकटस्थों के ठिकानों पर इनकम टैक्स की छापामारी हुई. पहले कहा गया कि छापेमारी समीर महासेठ के यहां हुई है. फिर इस पर सफाई आई कि छापेमारी उनके किसी रिश्तेदार के यहां हुई है जिनकी निर्माण एजेंसी है. वित्तीय अनियमितता से जुड़े आयकर छापेमारी में फ़िलहाल क्या क्या बरामद हुआ है इसे लेकर अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है. 

इस बीच छापेमारी पर जदयू की ओर से बयान आया कि मोदी सरकार जानबूझकर विपक्ष को परेशान कर रही है. इसी कारण समीर महासेठ से जुड़े लोगों के यहां आयकर की छापेमारी हुई है. बिहार के ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने केंद्र की मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार देश में विपक्ष को खत्म करना चाहती है जो उनकी तानाशाही को दर्शाता है. उन्होंने गुरुवार को नीतीश सरकार में उद्योग मंत्री समीर महासेठ के निकटस्थों पर हुई छापेमारी के बाद तीखी प्रतिक्रिया दी. ऊर्जा मंत्री और जदयू के वरीय नेता विजेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा सिर्फ विपक्ष को तंग करना, जुमला बाजी करना और देश की अर्थव्यवस्था को रसातल में ले जाना जानती है। केंद्र में सत्तासीन भाजपा सरकार का काम बस यही रह गया है। रिजर्व बैंक ने भी इसके ऊपर अपनी रिपोर्ट दी है कि किस प्रकार से देश में अर्थव्यवस्था बदतर है।  

उन्होंने कथित आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी विपक्ष विहीन लोकतंत्र चाहती है जो एक प्रकार की तानाशाही है। विपक्ष को परेशान कर भाजपा दबाव बनाना चाहती हैं लेकिन उनका यह सपना कभी साकार नहीं होगा। हमने केंद्र सरकार से जाति जनगणना और विशेष राज्य के दर्जा की मांग की लेकिन उस पर सहमत नहीं हुई। अब जब जदयू ने एनडीए से नाता तोड़कर महागठबंधन से नाता जोड़ लिया है तब हमारे नेताओं पर छापेमारी की जा रही है. 


अब इस मुद्दे पर समीर महासेठ भी सफाई दिए हैं. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि छापेमारी उनके किसी ठिकाने पर नहीं हुआ है. ना ही जिन लोगों के यहां छापेमारी हुई है उनके बिजनेस में उनका कोई निवेश है. आयकर छापेमारी को राजनीतिक बताने पर उन्होंने किसी प्रकार की टिप्पणी नहीं की. 


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