जिला प्रशासन ने शुरू की पितृपक्ष मेले की तैयारी : एक साथ इतने सरकारी स्कूलों में की जाएगी लोगों के ठहरने और दूसरी व्यवस्था

जिला प्रशासन ने शुरू की पितृपक्ष मेले की तैयारी : एक साथ इतने सरकारी स्कूलों में की जाएगी लोगों के ठहरने और दूसरी व्यवस्था

GAYA : गया की विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में जिला पदाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने यातायात तथा आवासन कोषांग को और तेजी से कार्य करने के संबंध में समीक्षा बैठक की गई। 

100 सरकारी स्कूल में होगी व्यवस्था

उन्होंने कहा कि पूर्व की भांति इस वर्ष अधिक संख्या में तीर्थयात्री की आने की संभावना है। इसलिए पूर्व में 51 सरकारी आवास स्थल चिन्हित किए जाते थे जो इस वर्ष लगभग दोगुना करते हुए 100 सरकारी आवासन स्थल चिन्हित करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित आवासन स्थलों को वरीय उप समाहर्ता द्वारा टीम बनाकर फिजिकल वेरिफिकेशन कराया जाएगा। इसमें पेयजल, शौचालय, बिजली की व्यवस्था इत्यादि बिंदुओं पर प्राथमिकता रहेगी। फिजिकल वेरीफिकेशन के दौरान यदि कुछ खामियां रहने पर तुरंत संबंधित अभियंता तथा पदाधिकारी द्वारा मरम्मत करवाने का कार्य किया जाएगा।

दूसरे स्कूलों में भेजे जाएंगे सारे छात्र

डीएम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया कि पितृपक्ष मेला क्षेत्र में सरकारी आवासन हेतु प्रयोग में लिए जाने वाले वैसे सरकारी विद्यालय जहां पठन-पाठन का कार्य बंद रहता है उन सभी विद्यालयों को किसी दूसरे विद्यालयों के साथ टैग करें ताकि पठन-पाठन का कार्य सुचारू रूप से चलता रहे।

ट्रैफिक रूट को लेकर प्लान बनाने के निर्देश

यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करना चुनौती यातायात कोषांग के समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेला अवधि में यातायात व्यवस्था एक चैलेंज होता है। यातायात व्यवस्था को सही रखने के लिए कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।  उन्होंने कहा कि कौन से क्षेत्र में वन-वे का नियम पालन करना है, कौन से क्षेत्र में नो एंट्री जोन बनाना है इत्यादि ट्रैफिक रूट प्लान का अभी से ही तैयारी कर लें।

 साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्व के पितृपक्ष मेले में नौ (09) वाहन पड़ाव स्थल चिन्हित किए गए थे। उन सभी पार्किंग स्थलों को फिजिकल वेरिफिकेशन करवाते हुए वहां बिजली की व्यवस्था, पेयजल की व्यवस्था, शौचालय की व्यवस्था तथा ड्राइवर के ठहराव हेतु अस्थाई पंडाल का निर्माण करवाने का निर्देश दिए।

आवासन स्थल का करें दर निर्धारण 

उन्होंने कहा कि प्राइवेट घर तथा धर्मशाला जहां तीर्थयात्री को विभिन्न पंडा समाज द्वारा तीर्थ यात्रियों को ठहराते हैं, उन सभी स्थलों का भी फिजिकल वेरिफिकेशन करवाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आवासन स्थल से संबंधित सभी जानकारियां पदाधिकारियों का दूरभाष संख्या होटल का नाम धर्मशाला का नाम इत्यादि जिले के वेबसाइट तथा गूगल प्ले स्टोर के एप पर अपलोड कराए, ताकि तीर्थ यात्रियों को जानकारी आसानी से मिल सके। 

 साथ हीं उन्होंने निर्देश दिया कि किसी तीर्थ यात्रियों को किसी प्रकार का कोई परेशानी ना हो इसके लिए अभी सही आवासन स्थल का दर निर्धारण किया जाए ताकि निर्धारित दर से अधिक पैसा किसी भी तीर्थ यात्री से न लिया जा सके। 


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