डीएम-एसपी विधायकों से मिलते तक नहीं, विधान सभा में सत्ताधारी विधायक ने ही नीतीश सरकार को घेर लिया

डीएम-एसपी विधायकों से मिलते तक नहीं, विधान सभा में सत्ताधारी

PATNA:  बिहार में अफसरशाही चरम पर है. डीएम-एसपी व अन्य अधिकारी विधायकों से मिलते नहीं. टाइम मांगने पर भी टाइम नहीं देते. आज यह सवाल बिहार विधानसभा में उठा. सीतामढ़ी से भाजपा विधायक मिथिलेश कुमार ने यह सवाल उठाया. भाजपा विधायक के सवाल पर विपक्ष के भी कई विधायक सदन में खड़े हो गए. विधायकों ने सरकार से कहा कि वैसे अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई हो जो जनप्रतिनिधियों से मुलाकात नहीं कर रहे. प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने सदन में बताया कि विधायकों से मुलाकात के लिए टाइम नहीं देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी. 

दरअसल, भाजपा विधायक ने सवाल किया कि टाईम मांगने के बाद भी एसपी या डीएम टाइम नहीं देते. जब वे टाईम नहीं देंगे तो हमलोग क्षेत्र के लोगों की काम कैसे करवा पाएँगे. सरकार के स्तर से बार-बार पत्र जाता है फिर भी वे समय नहीं देते. सरकार ऐसी व्यवस्था बनाए कि सप्ताह में कम से कम एक दिन का समय तय किया जाए, ताकि विधायक आमजनों की समस्या का समाधान करा सकें. सरकार की तरफ से प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने सदन में जवाब दिया. उन्होंने बताया कि सरकार के स्तर से एक बार फिर से 27 फरवरी को सभी जिलों के डीएम-एसपी, कमिश्नर,आईजी,डीआईजी से लेकर तमाम बड़े अधिकारियों को इस संबंध में निदेशित किया गया है. सरकार के जवाब से न सिर्फ प्रश्नकर्ता भाजपा विधायक बल्कि राजद के ललित यादव और समीर महासेठ भी असंतुष्ट होकर खड़े हो गए और मांग करने लगे कि वैसे अधिकारी पर सख्त कार्रवाई हो, जो  विधायकों-सांसदों से मुलाकात नहीं करते. इस पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि निश्चित रूप से जानकारी मिलने पर वैसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी.