सदन में उप मुख्यमंत्री ने किया स्वीकार, पटना के 9 ट्रैफिक सिग्नल उखाड़े गए, 25 करोड़ रुपये आया था खर्च

सदन में उप मुख्यमंत्री ने किया स्वीकार, पटना के 9 ट्रैफिक सिग्नल उखाड़े गए, 25 करोड़ रुपये आया था खर्च

पटना। विधानसभा में गुरुवार को पटना में लगाए गए ट्रैफिस सिग्नल के मुद्दे पर सरकार घिरती नजर आई। सदन में आज उपमुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि पटना में 9 ट्रैफिक सिग्नल को लोहिया पथ चक्र के निर्माण की वजह से उखाड़ दिए गए हैं। उप मुख्यमंत्री सदन में राजद सदस्य  विजय कुमार सिंह उर्फ बबलू डब्लू के सवालों का जवाब दे रहे थे।

मामले में विधायक डब्लू सिंह ने यह सवाल पूछा था कि क्या यह बात सही है कि वर्ष 2015 में बुडको द्वारा नीदरलैंड की कंपनी को पटना शहर के 97 स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने का काम दिया था ।जिस पर 24.95 करोड का सरकारी राजस्व खर्च हुआ था।साथ ही यह भी पूछा गया  कि क्या यह बात सही है कि 2 साल में ही 14 सिग्नल को उखाड़ दिया गया और शेष स्थान पर देखरेख के अभाव में सिग्नल बंद है। यदि ऐसा है तो 25 करोड़ के सरकारी राजस्व का अपव्यय क्या उचित है? 

सिग्नल के नाम पर बड़ा घोटाला

इन सवालों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद ने कहा कि उत्तर आंशिक रूप से स्वीकारात्मक है .यह बात सही है कि 23 करोड़ 84 लाख रुपए का खर्च आया था और लोहिया बेली रोड में लोहिया पथ चक्र निर्माण का कार्य होने की वजह से 9 सिग्नल को उखाड़ लिया गया. यह जल्द ही रिस्टोर किया जाएगा इस पर प्रश्न करता सदस्य ने फिर से सवाल दागा कि क्या यह सरकार को नहीं लगता कि इससे सरकार को एक बड़ी राजस्व की हानि हुई है क्योंकि एक सिग्नल लगाने पर 9 लाख का खर्च आता है

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