डा. वरूण ने चुनाव नहीं लड़ने का लिया बड़ा फैसला, डाक्टर साहब के अचानक मैदान से हटने की पड़ताल करती पूरी रिपोर्ट...

डा. वरूण ने चुनाव नहीं लड़ने का लिया बड़ा फैसला, डाक्टर साहब के अचानक मैदान से हटने की पड़ताल करती पूरी रिपोर्ट...

पटना : जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार नें इस बार के लोकसभा चुनाव में सीतामढ़ी सीट पर एक नए चेहरे को उम्मीदवार बनाया था। जदयू नें सीतामढ़ी के चर्चित डाक्टर डा. वरूण कुमार को सिंबल देकर मैदान मे उतारा था. डा. वरूण पहली दफा राजनीति में उतरे थे। उनकी पहचान नेता के रूप में नहीं बल्कि सीतामढ़ी के बड़े और पैसों वाले डाक्टरों में की जाती है। बिना कोई राजनीति किए सीधे लोकसभा का टिकट मिलनें के बाद वे अचानक सुर्खियों में आ गए। पूरे जिले में यह चर्चा होने लगी कि नीतीश कुमार की पार्टी नें धनकुबेर को टिकट दिया है। 

जदयू का टिकट लेने के बाद जब वे सीतामढ़ी पहूँचे  तो हर किसी के जेहन में उनके धनाढ्य रूप की चर्चा थी। पार्टी के कई नेताओं नें हीं पूरे इलाके में यह खबर फैला दी कि डा. वरूण नें जदयू से टिकट के लिए बडी राशि खर्च की है। इसकी खबर के बाद सीतामढ़ी लोकसभा क्षेत्र के एनडीए के सहयोगी दल के नेता और कार्यकर्ता भी डा. वरूण से धन की अपेक्षा करने लगे। 

खबर ये है कि डा. वरूण के पास जो लोग भी आ रहे थे वे मदद करने के एवज में धन की मांग कर रहे थे। जैसे हीं वे टिकट लेकर सीतामढ़ी गए इसके बाद जो लोग भी उनके पास गए और जिन्होनें भी मदद की बात कही उनमें से अधिकांश लोग बदले में पैसे का डिमांड करने लगे। खबर ये है कि उनके समाज  और पार्टी के लोग भी पैसे कि डिमांड करने लगे। चहुंओर पैसे की डिमांड नें पहली दफा चुनावी मैदान में उतरे डा. वरूण को परेशान कर दिया। वे समझ नहीं पा रहे थे कि क्या करें। डा. वरूण को जानने वाले लोगों के हवाले से यह बात सामने आयी है कि उनके आवास पर सुबह-सुबह पैसे के लिए लोगों की लाईन लगने लगी थी। डा. वरूण नें जब इस पर असहमति जताई तो लोग नाराज होने लगे। स्थिति ऐसी हो गयी कि बड़ी संख्या में लोग इनके खिलाफ मोर्चा भी खोल दिए।अंत में डा. वरूण नें अपनें सहयोगियों से विचार किया ।सबसे विचार करने के बाद जदयू का सिंबल लौटानें का निर्णय लिया।


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