पुनपुन नदी के ग्यारह रिंग बांध टूटने से कई गांव हुए जलमग्न, सुरक्षा बांध टूटने का खतरा टला

पुनपुन नदी के ग्यारह रिंग बांध टूटने से कई गांव हुए जलमग्न, सुरक्षा बांध टूटने का खतरा टला

PATNA : पुनपुन नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है इसलिए कहा जा रहा है कि सुरक्षा तटबंध टूटने का खतरा टल गया है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ पुनपुन के 11 रिंग बांध टूटने के बाद कई गांव जलमग्न हो गए हैं जिससे एक लाख की आबादी फौरी तौर पर प्रभावित हुई है।

गौरतलब है की पुनपुन का जलस्तर लगातार बढ़ने से बिहार सरकार सकते में आ गई थी। 1975 के बाद के दौरान बनाए गए सुरक्षा बांध पर खतरा बढ़ने लगा था। सुरक्षा बांध टूटने का मतलब था कि राजधानी पटना के कई इलाके 8 से 10 फीट पानी में डूब जाते, लेकिन जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की कमी आने से सुरक्षा तटबंध टूटने का खतरा टल गया है। 

पुनपुन का जलस्तर 41 मीटर पर आ गया है, हालांकि अभी भी खतरे के निशान से 3 मीटर ऊपर है। उनके 11 रिंग बांध टूटने के बाद जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित गांवों पर पैनी नजर रखे हुए हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए की व्यवस्था की गई है।

डीएम की माने क्षेत्र में राहत कार्य चलाए जा रहे हैं और कम्युनिटी किचन के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ गंगा का जलस्तर भी धीरे-धीरे कम हो रहा है। गंगा में जलस्तर कम होने के बाद देवना नाला को खोल दिया गया है जिससे कि पश्चिमी पटना का पानी गंगा में चला जाएगा। 

गौरतलब है कि पुनपुन नदी का जलस्तर 1976 में सबसे ज्यादा 53 पॉइंट 91 मीटर था। इस बार जलस्तर   मात्र 30 सेंटीमीटर नीचे रह गया था। प्रशासन के हाथ पांव फूल रहे थे, लेकिन फिलहाल पुनपुन नदी का जलस्तर घटने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

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