परीक्षा में नकल के शक में छात्रा के कपड़े उतरवाए, शर्मिंदगी के कारण नाबालिक ने खुद को लगाई आग, गंंभीर

परीक्षा में नकल के शक में छात्रा के कपड़े उतरवाए, शर्मिंदगी के कारण नाबालिक ने खुद को लगाई आग, गंंभीर

JAMSHEDPUR : झारखंड में पिछले कुछ माह के लड़कियों को जलाने या जलने के लिए मजबूर करने की घटनाएं लगातार सामने आ रही है।   पूर्वी सिंहभूम में भी शुक्रवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है।. जमशेदपुर के भुइयांडीह छायानगर में नौवीं कक्षा की छात्रा ने नकल के शक में टीचर द्वारा कपड़े उतरवाने (Teacher Took off girl clothes in Jamshedpur) से ग्लानि में घर आकर खुद को आग लगा ली (Student set fire in Jamshedpur). करीब 80 फीसदी जल चुकी छात्रा ऋतु मुखी को परिजन एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां छात्रा की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टाटा मुख्य अस्पताल रेफर कर दिया गया है. 

पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि महिला निरीक्षक ने उसे अपमानित किया और नकल सामग्री ड्रेस में छिपाने के शक में उसे क्लास से सटे एक कमरे में कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया. फिलहाल इस मामले में साकची पुलिस स्टेशन एएसआई नागेंद्र प्रताप ने कहा कि 9वीं कक्षा की छात्रा ने केरोसिन डालकर आत्महत्या की कोशिश की है. आरोप लगाया गया है कि शिक्षिका ने नकल करते पकड़ी गई छात्रा के कपड़े उतरवाए थे. हम सच्चाई की जांच कर रहे हैं. लड़की को हमारे आने से पहले यहां से रेफर कर दिया गया था.

घर पहुंचकर लगाई आग

दरअसल साकची थाना क्षेत्र के शारदामणि गर्ल्स हाईस्कूल की 9वीं क्लास की एक छात्रा ने परिक्षा के बाद घर पहुंची औऱ खुद को आग लगाकर आत्महत्या की कोशिश की. आरोप है कि स्कूल में परिक्षा के दौरान एक शिक्षिका ने नकल के शक में छात्रा के कपड़े उतरवाए थे. मामला छायानगर बस्ती में शुक्रवार शाम 5 बजे की है. आग से झुलसी छात्रा को गंभीर स्थिति में एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे टीएमएच रेफर कर दिया गया. डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची के शरीर का 80 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है.

परिजनों ने किया हंगामा

वहीं घटना से नाराज परिजन और बस्तीवासियों ने टीएमएच पहुंचकर हंगामा किया. इस दौरान उन्होंने शिक्षिका पर कार्रवाई की मांग की. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने टीएमएच पहुंचकर छात्रा का बयान लिया है. अपने बयान में उसने कहा कि क्लास में मैडम ने सभी के सामने कपड़े उतरवाए और पिटाई की, जिससे आहत होकर उसने खुद को आग लगाई. छात्रा ने कहा कि वह परीक्षा में नकल नहीं कर रही थी.

प्रिंसिपल ने आरोपों को बताया गलत

वहीं स्कूल प्रिंसिपल ने कहा कि मुझे जानकारी मिली थी कि छात्रा नकल कर रही थी. उसको इस दौरान सिर्फ इतना ही कहा था कि ये सब नहीं करना है. प्रिंसिपल ने कहा कि छात्रा के कपड़े नहीं उतरवाए गए हैं, इसकी जानकारी मुझे नहीं है।

घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है इस सबंध में छात्रा के परिजनों ने बताया कि बच्ची शारदा मनी स्कूल में कक्षा 9 में पढ़ाई कर रही है. शुक्रवार दोपहर छात्रा परीक्षा देने स्कूल गई थी। इसी दौरान शिक्षिका को छात्रा पर चीटिंग करने का शक हुआ। इस पर शिक्षिका छात्रा को दूसरे कमरे में ले गई और वहां उसके कपड़े उतरवाकर उसकी जांच की, जिससे छात्रा को काफी ग्लानि हुई.गुमसुम अवस्था में छात्रा परीक्षा के बाद शाम को घर लौटी और घर में पहुंचकर स्कूल ड्रेस पहने हुए खुद पर किरासन तेल छिड़ककर अपने बदन में आग लगा ली। परिजनों ने बताया कि उसके कपड़े उतरवाए जाने की जानकारी छात्रा की सहेली ने दी थी। परिजनों ने शिक्षिका चंद्रा मैडम पर आरोप लगाया है कि उसकी वजह से उनकी बेटी जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। 

इधर. घटना को लेकर आसपास के लोगों में नाराजगी है। लोगों में शिक्षिका के खिलाफ आक्रोश है. फिलहाल मामले की सूचना सीतारामडेरा थाना पुलिस को दे दी गई है।

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