...तो JDU से डर गए थे BJP विधायक? विधानसभा में परिचर्चा के दौरान सत्ताधारी जेडीयू ही नहीं भाजपा के भी 50 विधायक थे गायब

...तो JDU से डर गए थे BJP विधायक?  विधानसभा में परिचर्चा के दौरान सत्ताधारी जेडीयू ही नहीं भाजपा के भी 50 विधायक थे गायब

PATNA: बिहार विधानसभा में मंगलवार को उस समय अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब सत्ताधारी दल जेडीयू ने ही सदन से किनारा कर लिया था। विपक्ष पहले से ही बहिष्कार कर रखा था। बाकी का काम नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने कर दी। वैसे भाजपा विधायकों ने भी सदन की गरिमा बढ़ाने की बजाय गिराने का ही काम किया। दल के 77 विधायकों में 50 विधायक अनुपस्थिति रहे। भोजनावकाश के बाद शुरू हुई सदन की कार्यवाही में भाजपा के 27 सदस्य ही मौजूद रहे। स्थिति ऐसी हो गई कि सदन में विधायकों के नहीं रहने की वजह से विस अध्यक्ष विजय सिन्हा ने उत्कृष्ट विधायक पर परिचर्चा रोक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। बड़ी संख्या में भाजपा विधायकों के अनुपस्थित रहने पर चर्चा शुरू है कि क्या सहयोगी दल ने भाजपा विधायकों पर भी दबाव डालकर सदन में जाने से मना कर दिया था?

कहां थे बीजेपी के 50 विधायक?

विपक्ष विस में अग्निपथ पर सदन में चर्चा नहीं होने के मुद्दे पर बहिष्कार कर रहा था। सत्ताधारी जेडीयू उत्कृष्ट विधायक पर चर्चा कराने की पक्षधर नहीं थी। लिहाजा नेतृत्व की तरफ से जेडीयू विधायकों को भोजनावकाश के बाद सदन में जाने से मना कर दिया गया था। जेडीयू कोटे से 2 मंत्री व एक विधायक सदन में गए, लेकिन उन्हें भी बुला लिया गया। लेकिन बड़ी बात यह की बीजेपी कोटे से स्पीकर उत्कृष्ट विधायक सम्मान पर परिचर्चा करा रहे थे। लेकिन उस परिचर्चा से बीजेपी कोटे के मंत्री व विधायकों ने भी दूरी बना ली। सदन में सिर्फ 27 विधायक मौजूद थे। किसी तरह से कोरम पूरा हो रहा था। आखिर वो पचास विधायक कहां थे? क्या वे भी जेडीयू से डर गए थे?  क्या मुख्यमंत्री के डर से भाजपा विधायक सदन में नहीं गये? या फिर उत्कृष्ट विधायक सम्मान पर आयोजित परिचर्चा में उनकी दिलचस्पी नहीं थी? राजनीतिक गलियार में यह चर्चा हो रही है। 

संयोग नहीं बल्कि जेडीयू ने स्पीकर का नहीं दिया साथ 

बिहार विस में जब परिचर्चा की शुरूआत हुई तो सबसे पहले भाजपा सदस्य संजय सरावगी ने अपनी बात कही। दरभंगा से भाजपा विधायक संजय सरावगी ने कुछ अन्य राज्यों की विधानसभाओं का उदाहरण देते हुए विधायी कार्य में सक्रिय रुचि लेने वालों को ‘‘पुरस्कृत’’ करने की आवश्यकता पर चर्चा शुरू की। संजय सरावगी के बाद बोलने के लिए दूसरे दल के सदस्य मौजूद नहीं थे। बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि तकनीकी रूप से कोरम पूरा करने के लिए प्रयाप्त संख्या है। आगे कहा कि चर्चा करने के लिए यह महत्वपूर्ण विषय हैं। उन्होंने सदन में सदस्यों की अनुपस्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी। परबत्ता के जदयू विधायक संजीव कुमार सिंह ने कहा कि ‘हमारी पार्टी के विधायकों की अनुपस्थिति महज एक संयोग था, जानबूझकर ऐसा नहीं किया गया.


Find Us on Facebook

Trending News