कमाई वाली फाइल पर लगेगी रोक? EOU की छापेमारी के बाद 'भ्रष्ट' रेसिडेंट इंजीनियर को निलंबन का भय, कमाई वाली फाइल निबटाने की कोशिश तेज

कमाई वाली फाइल पर लगेगी रोक? EOU की छापेमारी के बाद 'भ्रष्ट' रेसिडेंट इंजीनियर को निलंबन का भय, कमाई वाली फाइल निबटाने की कोशिश तेज

PATNA: बिहार के एक रिश्वतखोर इंजीनियर के पास से 2 करोड़ 61 लाख 82 हजार रुपए की संपत्ति मिली है। आर्थिक अपराध इकाई ने यह खुलासा किया है। भवन निर्माण विभाग के इंजीनियर फिरोज आलम ने खुद के और पत्नी के नाम पर नई दिल्ली के सुखदेव नगर में 1.30 करोड़ का एक फ्लैट खरीद रखा है। इस फ्लैट के रजिस्ट्री पर 6.50 लाख रुपए खर्च किए गए थे। EOU ने रविवार को फिरोज आलम के पटना समेत 5 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इनमें से 4 ठिकाने दिल्ली में हैं। दिल्ली में भ्रष्ट अफसर के ठिकानों पर छापेमारी में एक और ठिकाना के बारे में ईओयू को जानकारी लगी थी।इसके बाद जांच टीम झारखंड में भवन निर्माण विभाग के इंंजीनियर फिरोज आलम के भाई के यहां छापा मारा। इंजीनियर फिरोज आलम पर विभाग की हमेशा मेहरबानी रही है। ये लंबे समय से बिहार भवन-बिहार निवास दिल्ली में पदस्थापित रहे हैं. कई गंभीर आरोप लगने के बाद भी विभाग की कृपा बरसती रही। 

फाइल निबटाने में आई तेजी ! 

आर्थिक अपराध इकाई ने पलामू के मेदनीनगर में भी छापा मारा। मेदनीनगर में भ्रष्टाचार में घिरे इंजीनियर के भाई बीड़ी पत्ता कारोबारी जमालुद्दीन रहते हैं. जांच टीम ने एक-एक घऱ की तलाशी ली और कई दस्वातेवज लेकर पटना रवाना हो गई। ईओयू यह पता लगा रही है कि क्या फिरोज आलम बीड़ी पत्ता कारोबार में काला धन लगातार व्हाइट तो नहीं कर रहा ? इधर, आर्थिक अपराध इकाई की छापेमारी के बाद भ्रष्ट इंजीनियर को लगने लगा है कि इस बार नहीं बचेंगे। फिरोज आलम को आभास हो गया है कि इस बार उन्हें निलंबित होने से कोई नहीं बचा सकता। लिहाजा लंबित बिल को निकालने की कोशिश में जुट गये हैं. सूत्र बताते हैं कि बिहार भवन,निवास में काम करने वाली एक नजदीकी एजेंसी का बिल भुगतान को लेकर तेजी से फाइल बढ़ाना शुरू कर दिया है । ताकी निलंबन से पहले बिल भुगतान का सारा काम निबटा लिया जाये। क्यों बिल का भुगतान होगा तभी तो आमद आयेगी. यानी निलंबन से पहले लक्ष्मी वाली कोई फाईल दूसरे के लिए छोड़ना नहीं चाहते.  

रेजिडेंट इंजीनियर पर काबिज हैं फिरोज 

फिरोज आलम भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता सह रेसिडेंट इंजीनियर बिहार भवन हैं। इनकी पोस्टिंग नई दिल्ली स्थित बिहार भवन और बिहार सदन के लिए है। EOU के अनुसार, फिरोज आलम ने अपनी पत्नी के नाम पर दिल्ली में ही नूर नगर एक्सटेंशन में भी एक फ्लैट खरीद रखा है। पटना में भी भाई के नाम पर समनपुरा में एक फ्लैट खरीदा है। खुद के नाम पर 7 लाख की तो पत्नी के नाम पर 8.20 लाख की कार इन्होंने ले रखी है। अपने भतीजे के नाम पर इन्होंने एक सियाज कार खरीद रखा है, जिसे रेंट पर ये बिहार निवास में ही चलवाते हैं। EOU के अनुसार, दिल्ली के जौहरी बाग में 2, शाहीन बाग में एक फ्लैट और मेरठ में जमीन खरीदने के भी सबूत मिले हैं। इसकी जांच चल रही है। दिल्ली में घर से 1.45 लाख रुपए कैश और लाखों रुपए की ज्वैलरी बरामद हुई है। इसके अलावा भतीजे के इलाज पर एक लाख रुपए खर्च करने के कागजात मिले हैं। साथ में फिरोज आलम की भाभी का सिग्नेचर किया हुआ। सादा कागज भी बरामद हुआ है। EOU का दावा है कि फिरोज आलम का एक और ठिकाना सामने आया है। वहां जांच के लिए एक टीम को भेजा गया है।

फिरोज आलम मूल रूप से झारखंड के पलामू स्थित हरिहरगंज के रहने वाले हैं। 11 अप्रैल 1991 में बतौर जूनियर इंजीनियर इन्होंने अपनी सरकारी नौकरी की शुरुआत की थी। उस वक्त बिहार-झारखंड एक था। जब यह नौकरी में आए थे तब इनके पास सिर्फ पैतृक संपत्ति ही थी। मगर, अब करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं। इनकी पोस्टिंग दरभंगा और नालंदा जिले में बिहार शरीफ में रही। EOU की जांच में इनकी कुल संपत्ति आय से 91.08% अधिक पाई गई थी।

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