शिक्षकों के सैलरी पर लगा ग्रहण, तीन माह से बकाया है वेतन, राशि उपलब्ध सिर्फ एक माह की

शिक्षकों के सैलरी पर लगा ग्रहण, तीन माह से बकाया है वेतन, राशि उपलब्ध सिर्फ एक माह की

PATAN : राज्य के माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत नियोजित शिक्षकों का वेतन का मामला एक बार फिर अटक गया है। अबतक ट्रेजरी लॉक के कारण इनके वेतन की समस्या बनी हुई थी। जब ट्रेजरी लॉक खुला तो अब वेतन आवंटन की समस्या आन पड़ी है। यही हाल राज्य के नियमित एवं व्यावसायिक शिक्षकों का भी है। 

नवंबर माह से बकाया है वेतन

संघ के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी अभिषेक कुमार ने बताया कि नवंबर माह से ही वेतन के लिए टकटकी लगाये बैठे राज्य के जिला परिषद एवं नगर परिषद के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों को उम्मीद थी कि उनका तीन महीने से बकाया वेतन खाते में आ जायेगा, मगर अधिकांश जिलों में एक माह के वेतन की राशि जिलों को उपलब्ध है। 

नियमित शिक्षकों के लिए जिलों से जो राशि विभाग से मांगी गई थी उससे आधी या उससे कम राशि इन शिक्षकों के वेतन के मद में उपलब्ध कराई गई है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर विभाग द्वारा गणित व जीवविज्ञान शिक्षकों को विद्यालयों में पदस्थापित किया गया। साथ ही साथ शिक्षकों को प्रवर वेतनमान का लाभ तथा तृतीय व चतुर्थ वर्गीय कर्मियों को भी एसीपी का लाभ विभाग द्वारा दिया गया। इन सबों को विभाग द्वारा आवंटित वेतन मद की राशि से ही इन सब लाभों की राशि दी गई। अब इनके लिए भी वेतन की समस्या आन पड़ी है। 

8 महीने से वेतन की आस में है उत्क्रमित विद्यालय के टीचर

सबसे मुश्किल में उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक हैं जिन्हें छह से आठ माह तक वेतन नहीं मिला है। केंद्र से इनके वेतन की राशि प्राप्त नहीं हुई। बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के कड़े विरोध के बाद राज्य सरकार ने अपनी रक्षित राशि से इन्हें सितंबर माह में मई, जून के वेतन की राशि जारी की थी मगर तब से अबतक इन्हें वेतन नहीं मिला है। वहीं अतिथियों शिक्षकों को योगदान दिये हुए छह से आठ माह हो गए हैं मगर उन्हें मानदेय के रूप में एक भी फुटी कौड़ी प्राप्त नहीं हुई है।

विवेकानंद की रिपोर्ट

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