मोतिहारी में News4Nation की खबर का असर : DM ने फर्जी शिक्षकों पर FIR दर्ज करने का दिया आदेश

मोतिहारी में News4Nation की खबर का असर : DM ने फर्जी शिक्षकों पर FIR दर्ज करने का दिया आदेश

मोतिहारी. News4Nation की खबर का बड़ा असर हुआ है। मोतिहारी डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने News4Nation पर "लक्ष्मी की कृपा का असर, मोतिहारी में 100 से अधिक फर्जी शिक्षक को अफसर ने बचाया "खबर चलने के बाद सख्त हुए हैं। डीएम ने डीईओ व डीपीओ के नेतृत्व में कमिटी बनाते हुए सभी नियोजन इकाई के सचिव को सख्त निर्देश दिया है कि तीन दिनों के अंदर फर्जी प्रमाणपत्र वाले शिक्षक अभ्यर्थी पर कार्रवाई करें। साथ ही प्राथमिकी दर्ज नहीं करने वाले शिक्षक नियोजन सचिव पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए करवाई की जाएगी। डीएम के आदेश के बाद शिक्षा विभाग व नियोजन इकाई में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं डीएम के आदेश के बाद नियोजन इकाई सचिव द्वारा घोड़ासहन व जितना थाना में आनन-फानन में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। वहीं डीईओ द्वारा लगातार कुंडली मार कर बैठे नियोजन इकाई को फोन कर व मीटिंग कर त्वरित करवाई करने का मॉनिटरिंग किया जा रहा है।

मोतिहारी में सैकड़ों फर्जी शिक्षक अभ्यर्थियों को बचाने में पूरा सिस्टम लगा हुआ है। हद तो तब हो गई जब नियोजन इकाई डीएम को ही खुला चैलेंज दे रहे हैं।जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी आज तक अधिकांश फर्जी शिक्षकों पर केस दर्ज नहीं किया गया। बताया जाता है कि नियोजन इकाई के सचिव पर लक्ष्मी की कृपा बरस गई। लिहाजा फाइल को डंप कर दिया। अब एक बार फिर से जिलाधिकारी सख्त हुए हैं और तीन सदस्यीय कमिटी बना दी है।

मोतिहारी में फर्जी शिक्षकों पर नहीं हुआ केस

मोतिहारी में इस बार फर्जी प्रमाणपत्र उपयोग करने वाले शिक्षक अभ्यर्थियों की संख्या 131 पर पहुंच गई थी। खुलासे के बाद शिक्षा विभाग से सभी पर केस दर्ज करने का आदेश आया। कुछ समय तक फाइल डीईओ कार्यालय में डंप रही। मीडिया में खबर आने के बाद फाइल बढ़ी और नियोजन इकाई को केस दर्ज करने को कहा गया। मई 2022 में मोतिहारी के डीएम ने सभी नियोजन इकाई को फर्जी प्रमाणपत्र वाले अभ्यर्थी पर तत्काल केस दर्ज करने को कहा था। इसके बाद मुट्ठी भर नियोजन इकाई के सचिवों ने थाने में केस दर्ज कराया। लेकिन अधिक नियोजन इकाई के सचिव यानि बीडीओ, नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी और पंचायत सचिवों ने केस नहीं किया। यानि डीएम के आदेश को ठेंगा दिखा दिया।

डीएम ने तीन सदस्यीय बनाई कमेटी

डीएम के आदेश के बाद भी जब फर्जी शिक्षकों पर केस नहीं हुआ तो News4Nation ने एक बार फिर से जिलाधिकारी से सवाल किया। इसके बाद डीएम ने कहा है कि अब इस पूरे मामले की जांच होगी। जिलाधिकारी ने बताया कि फर्जी शिक्षकों पर अब केस दर्ज नहीं कराने के मामले में उप विकास आयुक्त, डीईओ और स्थापना उप समाहर्ता जांच करेंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी नियोजन इकाई के सचिव पर कार्रवाई की जाएगी।

8 जनवरी 2022 से चल रहा खेल

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने 8 जनवरी 2022 को ही मोतिहारी के डीईओ को फर्जी प्रमाण पत्र पर बहाल होने वाले 100 से अधिक शिक्षक अभ्यर्थियों पर केस दर्ज करने को कहा था। इसके पहले पूर्वी चंपारण के डीएम ने भी 2 सितंबर 2021 को ही जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस संबंध में आदेश दिया था। इसके बाद भी शिक्षक अभ्यर्थियों पर केस दर्ज करने की कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारी एक-दूसरे को पत्र भेज केस दर्ज कराने का घोड़ा दौड़ाते रहे। आठ महीने बाद भी अधिकांश फर्जी शिक्षक अभ्यर्थी पर केस दर्ज नहीं हो सका। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने 6 अप्रैल को फिर से सभी नगर पंचायत नियोजन इकाई, प्रखंड नियोजन समिति के सचिव, पंचायत शिक्षक नियोजन समिति को पत्र लिख 2 दिनों में केस दर्ज करने को कहा, लेकिन फर्जी शिक्षक अभ्यर्थी पर केस दर्ज नहीं किया जा सका।

इधर News4Nation पर खबर चलने के बाद डीएम सख्त होते हुए नियोजन इकाई की करवाई के जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी के गठन कर दिया गया। वहीं सभी नियोजन इकाई को चार दिनों के अंदर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया। प्राथमिकी दर्ज नहीं करने वाले नियोजन सचिव पर प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही गयी है। डीएम के सख्त होने पर एक दिन में दो नियोजन इकाई में प्राथमिकी दर्ज करायी है। वहीं एक शिक्षा विभाग के अधिकारी ने बातचीत में स्वीकार किया कि मेहसी प्रखंड में नियोजन इकाई के द्वारा अभ्यर्थी से तीन से चार लाख लेने के कारण फाइल को डंप करने का मामला आया है।

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