बंगाल में हिंसा पर चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई, प्रधान और गृह सचिव को हटाया, प्रचार पर भी रोक

बंगाल में हिंसा पर चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई, प्रधान और गृह सचिव को हटाया, प्रचार पर भी रोक

पश्चिम बंगाल में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान हुई हिंसा पर चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाया है। चुनाव आयोग ने ममता सरकार पर सख्ती दिखाई है। आयोग ने बंगाल में गुरुवार रात 10 बजे से चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी है। इसके अलावा आयोग ने राज्य के प्रधान सचिव और गृह सचिव की छुट्टी कर दी गई है।

आयोग ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालने पर भी बैन लगा दिया है। बंगाल के ADG CID राजीव सिंह को गृह मंत्रालय भेजा गया है। राज्य में 19 मई को 9 सीटों पर वोट डाले जाने हैं। उससे पहले ही आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है।

चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा, 'पश्चिम बंगाल में कुछ दिनों पहले हुई घटनाएं, खास तौर पर पिछले 24 घंटों में जो भी हुआ, राजनीतिक पार्टियों की तरफ से मिली शिकायत, पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग के डीईसी की रिपोर्ट और स्पेशल ऑब्जर्वर अजय नायक (रिटायर्ड आईएएस) और विवेक दूबे (रिटायर्ड आईपीसी) की जॉइंट रिपोर्ट के आधार पर स्वतंत्र, मुक्त, पारदर्शी, हिंसा रहित और आदर्श चुनाव कराने के लिए कोई भी व्यक्ति या समूह पब्लिक मीटिंग नहीं कर सकता, इसके अलावा किसी भी अन्य ढंग से गुरुवार रात 10 बजे के बाद चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकता है।

चुनाव प्रचार सिर्फ गुरुवार रात 10 बजे तक ही किया जा सकता है। यह आदेश पश्चिम बंगाल की 9 लोकसभा सीटों के लिए लागू होगा। इन सीटों पर 19 मई को मतदान होना है।

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