बिहार पंचायत चुनाव पर निर्वाचन आयोग का फैसला : EVM के साथ बैलेट पेपर से भी होगी वोटिंग

बिहार पंचायत चुनाव पर निर्वाचन आयोग का फैसला : EVM के साथ बैलेट पेपर से भी होगी वोटिंग

PATNA : बिहार में पंचायत  चुनाव की तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन इसको लेकर हर दिन नए नए फैसले निर्वाचन आयोग द्वारा लिए जाते हैं। पहले 30 राज्यों से ईवीएम मंगाने का निर्णय लिया गया। फिर मतदान के अगले दिन रिजल्ट जारी करने की बात सामने आई। अब निर्वाचन आयोग ने एक और निर्णय लिया है। वह है ईवीएम के साथ साथ बैलेट पेपर से भी वोटिंग कराने का। जबकि पहले आयोग ने कहा था कि इस बार बैलेट पेपर कार प्रयोग नहीं किया जाएगा। 

आयोग से मिली जानकारी के अनुसार बिहार में पंचायत के कुल 6 पद हैं। इनमें से 4 पदों पर का चुनाव ईवीएम से और 2 पदों का चुनाव बैलेट पेपर से कराया जाएगा। पर्याप्त संख्या में ईवीएम उपलब्धता नहीं हो पाने के कारण राज्य निर्वाचन आयोग ने यह निर्णय लिया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने यह निर्णय लिया है कि जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, ग्राम पंचायत मुखिया और ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे। इसके अलावा सरपंच और पंच के चुनाव बैलेट पेपर से होंगे। जिलों को दोनों ही तरीके से चुनाव की तैयारी करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

इस कारण बैलेट का लेना पड़ रहा है सहारा

ईवीएम के साथ बैलेट पेपर के इस्तेमाल को लेकर बिहार निर्वाचन आयोग का कहना है कि पंचायत चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को कम से कम चार लाख ईवीएम की आवश्यकता है। अभी तक राज्य निर्वाचन आयोग को करीब ढाई लाख ईवीएम ही उपलब्ध हो पाई है। देश के अलग-अलग राज्यों से ईवीएम को बिहार लाया जाना है। तमिलनाडु में करीब 1 लाख 44 हजार एम टू मॉडल की ईवीएम उपलब्ध है, लेकिन अभी तक तमिलनाडु ने बिहार को ईवीएम उपलब्ध कराने को लेकर क्लीयरेंस नहीं दी है। इसके कारण ईवीएम की कमी हो रही है। 

बदल भी सकता है फैसला

बैलेट पेपर से चुनाव कराने का फैसला विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। आयोग के सचिव योगेंद्र राम ने कहा कि सभी पदों के लिए ईवीएम से चुनाव ईवीएम की उपलब्धता पर निर्भर करता है। अगर पर्याप्त संख्या में ईवीएम उपलब्ध हो जाती है तो सभी पदों के लिए ईवीएम से चुनाव करा लिया जाएगा।

जुलाई के मध्य में हो सकता है तारीखों का ऐलान

पंचायत का चुनाव की घोषणा जुलाई में हो सकती है। आयोग नेे 10 चरणों में चुनाव का निर्णय लिया है। बड़े जिलों और छोटे जिलों के लिए उसी हिसाब से चरण तय किए जाएंगे। सरकार को इस बाबत प्रस्ताव भेजा जाएगा और अगले महीने के मध्य तक चुनाव की घोषणा हो सकती है। अगस्त में मतदान की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। अक्टूबर तक चुनाव करा लेने का लक्ष्य रखा गया है।

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