राहुल गांधी से प्रवर्त्तन निदेशालय की पूछताछ जारी, देश भर में सड़कों पर कांग्रेस कर रही विरोध भारी

राहुल गांधी से प्रवर्त्तन निदेशालय की पूछताछ जारी, देश भर में सड़कों पर कांग्रेस कर रही विरोध भारी

DESK. नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए. पेशी के पहले वे दिल्ली से ईडी दफ्तर तक पदयात्रा करते हुए निकले. इस दौरान देश भर से दिल्ली पहुंचे कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता सड़क पर राहुल गांधी के साथ पदयात्रा करते आगे बढ़े जिनमे कई नेताओं को बाद में दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया. 

वहीं राहुल गांधी से ईडी के तीन अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल से कई सवाल पूछे गए हैं. इनमें यंग इंडिया से आपका किस तरह से जुड़ाव था? आपकी AJLमें आपकी पोजिशन क्या थी? यंग इंडिया में आपके नाम से शेयर्स क्यों थे? क्या पिछले शेयर होल्डर्स से मुलाकात हुई है? नहीं तो फिर क्यों नहीं? कांग्रेस पार्टी ने यंग इंडिया को लोन देने का फैसला क्यों किया था? कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड को फिर से शुरू करने का विचार क्यों किया?  कांग्रेस ने जो भी लोन बांटे, डीटेल्स दीजिए? AJL और नेशनल हेराल्ड के पास कितनी प्रॉपर्टी है, डीटेल्स दीजिए? आपके कितने और किस-किस बैंक में अकाउंट हैं? आपका क्या किसी विदेशी बैंक में अकाउंट है? आपकी प्रॉपर्टी कहां-कहां, क्या विदेश में भी है?

इस बीच, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पुलिस ने हिरासत में लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत में लेने के दौरान पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की है. कांग्रेस नेता भूपेश बघेल, हरीश रावत, मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया. वहीं तुगलक रोड थाने में पुलिस हिरासत में लिए गए नेताओं से मिलने के लिए प्रियंका गांधी भी पहुंची. 

क्या है मामला : जवाहर लाल नेहरू ने 1938 में Associate Journal Limited नाम से एक कंपनी बनाई. ये कंपनी नेशनल हेराल्ड नाम से एक अखबार पब्लिश करती थी. ये कंपनी अखबार निकालती थी, इसलिए इसे कई शहरों में सस्ती कीमतों पर सरकारों से जमीन मिल गई.

आरोप ये है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने मिलकर एक ऐसी कंपनी बनाई, जिसका उद्देश्य बिजनेस करना नहीं, बल्कि अपनी बनाई कंपनी के जरिए (AJL) को खरीदकर उसकी 2 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति को अपने नाम करना था।.  

इसके बाद 26 फरवरी, 2011 को 5 लाख रुपए की लागत से यंग इंडिया कंपनी बनाई गई, जिसमें सोनिया और राहुल की 38-38% की हिस्सेदारी है. बाकी 24% की हिस्सेदारी कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज के पास थी. दोनों ही अब इस दुनिया में नहीं हैं.

यंग इंडिया कंपनी ने एसोसिएट जर्नल लिमिटेड (AJL) की 90 करोड़ की देनदारियों का जिम्मा अपने उपर ले लिया। मतलब एक तरह से उसका लोन चुकाने की जिम्मेदारी ले ली. बाद में एजेएल के 10-10 रुपए के नौ करोड़ शेयर 'यंग इंडियन' को दे दिए गए और इसके बदले यंग इंडिया को कांग्रेस का लोन चुकाना था. 9 करोड़ शेयर के साथ यंग इंडियन को इस कंपनी के 99% शेयर मिल गए. बाद में कांग्रेस पार्टी ने 90 करोड़ का लोन माफ कर दिया. इस तरह राहुल-सोनिया गांधी की कंपनी 'यंग इंडिया' को मुफ्त में (AJL) का स्वामित्व मिल गया.


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