हाईकोर्ट के अपील के बाद भी यूपी में इलेक्शन टलने के आसार कम, चुनाव आयोग की बैठक में सभी दलों ने रखा यह सुझाव

हाईकोर्ट के अपील के बाद भी यूपी में इलेक्शन टलने के आसार कम, चुनाव आयोग की बैठक में सभी दलों ने रखा यह सुझाव

LUCKNOW : महामारी के बढ़ते प्रसार को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से विधानसभा चुनाव को टालने को लेकर विचार करने की गुजारिश की थी, लेकिन शायद हाईकोर्ट के इस अपील का असर नहीं हुआ है। अभी तक जो बात सामने आई है, उसके अनुसार यूपी में समय पर चुनाव कराए जाएंगे।

दरअसल, यूपी में होनेवाले चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने प्रदेश से सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर उनकी राय मांगी थी। जिसमें सभी दलों की तरफ से चुनाव कुछ समय तक टालने की बात को सिरे से नकारते हुए समय पर इलेक्शन करवाने की मांग की है। इसके साथ ही कहा है कि चुनाव केंद्रीय सुरक्षा बलों की निगरानी में निष्‍पक्ष ढंग से कराए जाएं। कांग्रेस ने यूपी पुलिस को चुनाव की सुरक्षा व्‍यवस्‍था से दूर रखने की मांग की है। बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को परखने के लिए मंगलवार को केंद्रीय चुनाव आयोग का दल तीन दिनी दौरे पर लखनऊ पहुंचा था। जहां आयोग ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से चुनाव के संबंध में राय ली। 

आयोग के दल से बातचीत में विपक्षी दलों ने इस बात पर जोर दिया कि चुनाव निष्पक्ष हों।  इसमें सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग न होने पाए। आयोग ने राज्य पुलिस अधिकारियों के अलावा आयकर, नारकोटिक्स, केंद्रीय सुरक्षा बलों व अन्य विभागों व एजेंसियों के अधिकारियों से भी मुलाकात की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चन्द्रा के साथ निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और अनूप चन्द्र पाण्डेय की टीम ने राजधानी आते ही काम शुरू कर दिया। विपक्षी दलों ने कहा कि बगैर किसी बाधा व राजनीतिक हस्तक्षेप के स्वतंत्र, निष्पक्ष चुनाव कराया जाए। कांग्रेस ने कहा कि चुनाव की सुरक्षा व्यवस्था से यूपी पुलिस दूर रहे और चुनाव केन्द्रीय सुरक्षा बलों की निगरानी में हो।


हर बूथ पर हो महिला सुरक्षा कर्मी : भाजपा

भारतीय जनता पार्टी ने मांग रखी कि हर मतदान केन्द्र के प्रत्येक पोलिंग बूथ पर एक महिला सुरक्षाकर्मी अनिवार्य रूप से तैनात की जाए। महिला सुरक्षा कर्मी घूंघट और पर्दे में आने वाली महिला मतदाताओं की भलीभांति पहचान करे।

वहीं सपा ने कहा कि 80 वर्ष से अधिक आयु तथा दिव्यांग मतदाताओं की सूची विधानसभा वार, पोलिंगबूथ वार उपलब्ध कराई जाय। ऐसे मतदाताओं की संख्या करीब 40 लाख है। पांच जनवरी 2022 को मतदाता सूची के अन्तिम प्रकाशन के साथ यह सूची भी दी जाए।

चुनाव को धार्मिक रंग देने पर लगे रोक : बसपा

बसपा ने ज्ञापन देकर कहा कि चुनावों को धार्मिक रंग देकर जिस तरह से संकीर्ण स्वार्थ की राजनीति की जा रही है उस पर चुनाव आयोग को सख्त कानूनी रवैया अपनाने की जरूरत है। इन मामलों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए।

आयोग ने अफसरों से कहा, शराब की खपत का ब्योरा जुटाएं

चुनाव आयोग ने आबकारी विभाग के अफसरों से कहा कि वह ध्यान रखें कि पिछले साल जनवरी, फरवरी में शराब और बीयर की कितनी खपत हुई थी और इस बार कितनी खपत हो रही है। इसके अलावा दूसरे राज्यों से उत्तर प्रदेश में आने वाली शराब पर भी नजर रखी जाए। जिन राज्यों में उत्तर प्रदेश से होकर सड़क मार्ग से शराब व बीयर ले जायी जाती है उन वाहनों की सख्ती से चेकिंग की जाए। 


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