नियुक्ति से पहले ही अमीन बहाली पर लगाई रोक, अब सीधे नियुक्ति नहीं, देनी होगी प्रतियोगी परीक्षा, जानें क्यों आवेदन लेने के बाद सरकार ने बदला फैसला

नियुक्ति से पहले ही अमीन बहाली पर लगाई रोक, अब सीधे नियुक्ति नहीं, देनी होगी प्रतियोगी परीक्षा, जानें क्यों आवेदन लेने के बाद सरकार ने बदला फैसला

PATNA : अभी दो माह का ही समय गुजरा है, जब बिहार सरकार ने भूमि सर्वेक्षण के कार्य के लिए 10101 पदों पर अमीन, कानूनगो, सहायक बंदोबस्त पदा, विशेष सर्वेक्षण लिपिक की सीधी नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर आवेदन मांगे थे। लेकिन इससे पहले की इन पदों पर नियुक्ति की जाती, राज्य सरकार ने न सिर्फ जारी विज्ञापन को निरस्त कर दिया है. बल्कि इसके साथ पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को ही बदलने का फैसला किया है। पहले जहां इन पदों पर सीधा नियोजन होना था, वहीं अब इन पदों के लिए अब बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा (बीसीईसीई) परीक्षा लेकर मेरिट लिस्ट बनायेगा और उसी के आधार पर मानदेय आधारित नियोजन होगा।

बदल गई भर्ती की पूरी प्रक्रिया

बता दें कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन सर्वे के लिए कर्मियों की बहाली का जो विज्ञापन निकला था उसके मुताबिक चयनित अभ्यर्थियों की नियोजन की तिथि से 31 मार्च 2024 तय की गई थी। 21 अक्टूबर से 16 नवंबर तक विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन जमा करना था और अंको के आधार पर विभाग के निदेशालय द्वारा उनका चयन होना था।  कैबिनेट के फैसले के बाद अब पूरी प्रक्रिया ही बदल गई है। 10101 पदों पर बीते अक्टूबर माह में विज्ञापन निकाला गया था पर पारदर्शिता के मद्देनजर अब प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर चयन का निर्णय लिया गया है। जो आवेदन मंगाया गया था उसमें आवेदकों से कोई शुल्क नहीं लिया गया था।

नियमों में किया गया संशोधन

कैबिनेट ने बिहार विशेष सर्वेक्षण मानदेय आधारित संविदा नियोजन (संशोधन) नियमावली 2022 की मंजूरी दी। इसके अनुसार, कर्मियों की नियुक्ति अब परीक्षा से होगी। बीसीईसीई परीक्षा लेगा और मेरिट लिस्ट बनायेगा। इसीलिए अक्टूबर में जारी विज्ञापन रद्द किया गया।

10000 नही, 15 हजार पदों पर नियुक्ति
 बीसीईसीई फिर से विज्ञापन जारी करेगा। 10101 पदों की जगह लगभग डेढ़ गुना यानी करीब 15000 पदों के लिये परीक्षा ली जायेगी। एनसीवीटी और एससीवीटी मान्यता प्राप्त संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त योग्यताधारी ही बहाल होंगे।

बीसीईसीई परीक्षा के बाद जो मेरिट लिस्ट बनाएगा, उससे आगे भी नियोजन होता रहेगा। विशेष सर्वेक्षण के लिये सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो, विशेष सर्वेक्षण अमीन, अमीन, विशेष सर्वेक्षण लिपिक और कार्यालय परिचारी की नियुक्ति अंक के जगह परीक्षा से होगी।

पिछली नियुक्ति में आए थे कई फर्जी मामले

अंक पत्र के आधार पर नियुक्ति रद्द करने के फैसले के पीछे एक बड़ा कारण 2019 में हुई भर्ती को भी बताया जा रहा है। दरअसल वर्ष 2019 में बनी नियमावली के मुताबिक सिर्फ अंकों के आधार पर विभाग के निदेशालय द्वारा वर्ष 2020 में नियुक्ति की गई थी जिसमें चयनित करीब 4.5 हज़ार कर्मी फिलहाल जिलों में सर्वे कार्य में लगे हैं। पर उस समय हुई बहाली की जांच में पाया गया कि कई कर्मी फर्जी डिग्री के आधार पर चयनित हो गए हैं। उनमें से कईयों को नौकरी से निदेशालय द्वारा निकाला गया।

पद संख्या
 विशेष सर्वेक्षण कानूनगो 758
 विशेष सर्वेक्षण अमीन 8244

पद संख्या
 सहायक बंदोबस्त पदा. 355
 विशेष सर्वेक्षण लिपिक 744





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