आज भी यहां के लोगों को चलने के लिए पक्की सड़क नसीब नहीं, एसडीएम की गाड़ी फंसी तो ग्रामीणों ने ट्रैक्टर से खींचकर निकाली

आज भी यहां के लोगों को चलने के लिए पक्की सड़क नसीब नहीं, एसडीएम की गाड़ी फंसी तो ग्रामीणों ने ट्रैक्टर से खींचकर निकाली

बगहा. अनुमंडल क्षेत्र में स्थित हरहा और पहाड़ी नदियों का जलस्तर घटने पर सहायक बगहा अनुमंडल पदाधिकारी , जल संसाधन विभाग के कार्यपालक पदाधिकारी के साथ कई गावों का दौरा किया और बाढ़ पीड़ित दोन स्थित आधा दर्जन गांव वासियो का हाल जाना. वहीं कोई सरकारी सहायता नहीं मिलने पर खुद चलने लायक सड़क बनाया. इस बीच बगहा एसडीएम का गाड़ी फंसने पर ग्रामीणों ने ट्रैक्टर से खींचकर बाहर निकाली.

रामनगर प्रखंड के सुदूर दोन ग्रामीण क्षेत्र जो चारो तरफ जंगल और पहाड़ी नदियों से घिरा हुआ है. दोन में दो पंचायत के 20 गांव है. यहां लगभग 12 से 15 हजार की आबादी है जो आज भी सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहा है. बरसात के चार महीने दोन क्षेत्र टापू में तब्दील हो जाता है. आने जाने का रास्ता बंद हो जाता है. यहां तक इलाज के लिए लोगों को तरसना पड़ता है. यहां के लोग श्रमदान से किसी तरह चलने लायक सड़क को बनाते है.


दोन क्षेत्र  नक्सलियों का जन्म स्थली कहा जाता है. कभी लाल आतंक के नाम से जाना जाता था. दिसंबर 1995 में नरकटिया दोन में 15 लोगों का  नरसंहार हुआ था. तत्कालीन मुख्य मंत्री लालू यादव ने 1996 में  बगहा पुलिस जिला का निर्माण कराया था. सरकार बदली व्यवस्था बदली लोगों में विकास की आस जगी, लेकिन यह क्षेत्र समुचित विकास से कोसों दूर रहा.

बगहा एसएसबी की 65 वीं बटालियन के पहल पर एसएसबी के साथ बगहा के सहायक एसडीएम सरफराज अहम एवं जल संसाधन के कार्यपालक अभियंता रामविनय सिन्हा ने दोन क्षेत्र का निरीक्षण किये और कटाव को रोकने एवं सड़क मरम्मती का ग्रामीणों को स्वाशन दिए है. इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि चार से पांच माह तक हमलोग पूरी तरह से बाढ़ के पानी से घिरे रहते हैं. दस पंद्रह दिन पर एक बार ट्रैक्टर से रामनगर जाते हैं. बाजार करने तब वहां से घर के लिए आवश्यक सामान लेकर आते हैं. बीमार होने पर बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. डीलर भी सामान सही समय पर नही देते हैं.

वहीं इस संबंध  में दोन आये बगहा एएसडीएम सरफराज अहमद ने बताया की दोन में दो पंचायत के आधा दर्जन से अधिक गांव हैं, जो की बाढ़ के कारण बहुत ज्यादा प्रभावित है. कटाव भी हुआ है, इस सबका समाधान किया जाएगा. साथ ही इन बाढ़ पीड़ितों मदद भी की जाएगी.

इस संबंध में जल संसाधन विभाग बेतिया के कार्यपालक पदाधिकारी राम बिनय सिन्हा ने बताया कि हरहा नदी और अन्य पहाड़ी नदियों का जलस्तर बढ़ने से यहां बाढ़ आया और कटाव भी हुआ है. कटाव रोधी कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा. इस बार अप्रत्याशित पानी आया था, जिससे यह समस्या आई है.


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