लंबे बाल रखने के कारण सब करते थे कमेंट, डिप्रेशन में आकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने लगाई फांसी, कृषि विभाग में अधिकारी है मां

लंबे बाल रखने के कारण सब करते थे कमेंट, डिप्रेशन में आकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने लगाई फांसी, कृषि विभाग में अधिकारी है मां

MUZAFFARPUR : जिले के काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के खबरा में एक इंजीनियर ने अपने घर मे फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। मृतक शशांक शेखर (22) बंगलुरू स्थित एक सॉफ्टवेयर कम्पनी में इंजीनियर था। उसकी मां महाश्वेता घोष मुज़फ़्फ़रपुर के मुशहरी में कृषि विभाग में ग्रेजुएट इंस्ट्रक्टर के पद पर कार्यरत हैं। पिता प्रदीप घोष प्रोफेसर थे। जिनकी मृत्यु सात वर्ष पूर्व ब्रेन ट्यूमर से हो गयी थी।  शशांक के मौत की वजह उसकी मां और बहन स्नेहा डिप्रेशन बता रही हैं। 

बताया कि खबरा में किराए के मकान में रहती हैं। शशांक बंगलुरू में सॉफ्टवेयर इंजिनियर है, पिछले एक साल से वर्क फ्रॉम होम में था। इधर कुछ दिनों से वह काफी  गुमसुम रहता था। किसी से ज़्यादा बात नहीं करता था। घर मे उसकी बहन और मां के साथ वह रहता था। 


स्कूटी लेने गयी थी मां-बेटी : 

रविवार शाम दोनों मां-बेटी स्कूटी लाने चर्च रोड स्थित बाइक सर्विस सेंटर गयी थी। वहां से देर शाम घर पहुंची तो देखा कि उनका बेटा पंखा में कूदने वाली रस्सी से फंदा बनाकर लटका हुआ है। वे चिल्लाने लगी। रस्सी खोलकर उतारने का प्रयास किया। पर रस्सी और टाइट होने लगी। वह चिल्लाती हुई मदद के लिए बाहर भागी। शोर सुनकर आसपास के लोग जुट गए। कैंची से रस्सी काटकर शशांक को उतारा। बहन स्नेहा कहती है, उस समय भाई का शरीर गर्म था। हल्की सांसे चल रही थी। गाड़ी में लादकर सदर अस्पताल लाएं। यहां देखते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

मां ने कहा - बालों के कारण आ गया डिप्रेशन में

शशांक की मां ने बताया कि वह जब से वर्क फ्रॉम होम में आया था। तभी से उसके बाल काफी लंबे थे। वे बार-बार उसे बाल कटाने के लिए कहती थी। इसपर कहता था कि ज़्यादा दवाब बनाओगी तो बंगलुरू वापस चला जायेगा और कभी नही आएगा। उन्होंने कहना छोड़ दिया। लेकिन, मोहल्ले के लोग भी उसे देखकर कमेंट करते थे। ये बात उसकी मां और बहन को पसंद नहीं थी और बहन भी उसे मोहल्ले के लोगों द्वारा कमेंट करने की बात बताती थी और कहती थी भाई बाल कटवा लो। लेकिन, वह इंकार कर देता था। इधर, कुछ दिनों से वह बिल्कुल गुमसुम रहता था। घर से किसी से ज़्यादा बात नहीं करता था। उसकी माँ को लगा कि बेटा डिप्रेशन में है। उन्होंने साइकाइट्रिस्ट से दिखवाने की बात उससे कही थी। यह सुनकर वह आवेश में आ जाता था। उन्होंने आशंका जताई है कि डिप्रेशन की वजह से ही उनके बेटे के आत्महत्या किया है। 

सात साल पहले पति की मौत

शशांक के पिता की सात साल पहले ही ब्रेन ट्यूमर से मौत हो गई थी। अब बेटे को खोने के बाद मृत इंजीनियर की माँ ने बेटे की शव की तरफ देखते हुए कहा की बेटा लव यू फॉरएवर तू मेरे बुढापे का सहारा था। तो ऐसे मुझे छोड़कर नहीं का सकता है और अपनी बेटी को गले लगाकर चूमने लगती थी। दृश्य काफी मार्मिक था। बेटी अपनी माँ को हिम्मत बंधाती और कहती मैं आज से आपका बेटा-बेटी सब हूँ। यह सुनकर दोनों मां-बेटी की आंखे भर आती। 

पोस्टमार्टम में भेजा जा रहा शव 

 सूचना मिलने पर सदर अस्पताल में टाउन थाना के दरोगा सुनील पंडित पहुंचे। पूछताछ और कागज़ी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम में भेजने की कवायद की जा रही है। दोनों मां- बेटी बार-बार गुहार लगा रही थी कि बेटा इसी हालत में दे दीजिये। पोस्टमार्टम नहीं करवाना है। दरोगा ने उन्हें नियम कानून का हवाला देकर शांत कराया।

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