फागू चौहान के राज्यपाल बनने से जश्न में डूबा आजमगढ़, लगा बधाइयों का तांता

LUCKNOW : आजमगढ़ जिले के शहर कोतवाली के शेखपुरा गांव निवासी फागू चौहान अब बिहार के महामहिम होंगे। पिछले 34 वर्षों से राजनीति में सक्रिय रहे फागू चौहान को केंद्र सरकार की सहमति से महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बिहार का राज्यपाल बनाया है। फागू चौहान बिहार के राज्यपाल रहे लालजी टंडन का स्थान लेंगे। फागू चौहान के राज्यपाल बनने से आजमगढ़ जश्न में डूब गया है। नवनियुक्त राज्यपाल को बधाई देने वालों का तांता लग गया है।

फागू चौहान उत्तर प्रदेश सरकार में दो बार मंत्री रह चुके हैं। पहली बार उन्हें भारतीय जनता पार्टी की सरकार में संस्कृति मंत्री और फिर 2007 में बसपा की सरकार में राजस्व मंत्री बनाया गया था। भाजपा ने फरवरी 2019 में फागू चौहान को उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग का चेयरमैन बनाया था तब से वह इस पद पर आसीन हैं।

फागू चौहान 1985 में पहली बार दलित किसान मजदूर पार्टी से घोसी विधानसभा से विधायक बने फिर 1991 में जनता दल से विधायक बने 1996 व 2002 में भाजपा से विधायक बने और भाजपा सरकार में फागू चौहान कैबिनेट मंत्री रहे। 2007 में इन्होंने पाला बदल लिया और बसपा का दामन पकड़ लिया और फिर 2007 की बसपा सरकार में भी राजस्व मंत्री रहे। बसपा सरकार हटने के बाद फागू चौहान भारतीय जनता पार्टी में चले गए और 2017 में फिर भारतीय जनता पार्टी से चुनाव लड़े और घोसी से पुनः विधायक चुने गए। 2019 में फरवरी माह में लोकसभा चुनाव से पूर्व उन्हें पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाकर मंत्री का दर्जा दिया गया।

अबतक लगातार 6 बार विधायक रहे फागू चौहान केंद्र सरकार की सहमति के बाद महामहिम राष्ट्रपति ने आज फागू चौहान को बिहार प्रांत का राज्यपाल नियुक्त करने की घोषणा की इससे आजमगढ़ के लोगों में खुशी का माहौल है। घोसी से विधायक   फागू चौहान रहने वाले तो आजमगढ़ जिले के हैं लेकिन उनकी राजनीतिक कर्मभूमि मऊ जनपद की घोसी विधानसभा रही है। घोसी विधानसभा में चौहान बिरादरी की अच्छी तादाद है और फागू चौहान की अपनी बिरादरी पर मजबूत पकड़ मानी जाती है।

लखनऊ से पवन की रिपोर्ट

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