कैमूर में आंगनवाडी सेविका की बहाली में फर्जीवाडा, पीडिता से माँगा जा रहा है विधवा प्रमाण पत्र

कैमूर में आंगनवाडी सेविका की बहाली में फर्जीवाडा, पीडिता से माँगा जा रहा है विधवा प्रमाण पत्र

KAIMUR : जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र के बघिनी गांव में आंगनबाड़ी सेविका की बहाली में फर्जीवाड़ा सामने आया है. सेविका की बहाली के लिए एक विधवा महिला लवंग देवी से डेढ़ लाख रूपये का मांग किया गया. जब पीड़िता ने पैसा नहीं दिया तो सीडीपीओ मोहनिया द्वारा उसके प्राप्तांक को ही कम कर दिया गया और परेशान करने की नियत से विधवा प्रमाण पत्र सीडीपीओ के द्वारा मांगे जाने लगा. जिसकी  शिकायत अधिकारी और स्थानीय विधायक से पीड़िता ने की. 

पीड़िता ने बताया आंगनबाड़ी सेविका बहाली का फार्म भरने के बाद ग्राम सभा के माध्यम से चयन प्रक्रिया शुरू हुआ. आम सभा में लक्ष्मीना देवी का चयन सीडीपीओ द्वारा किया गया. जिसका प्राप्तांक 60% है और मेरा प्राप्तांक 59.02 प्रतिशत आ रहा है. जबकि नियम कहता है कि विधवा महिला को प्राप्तांक में 5% ग्रेस देना है, जिससे मेरा प्राप्तांक 64% हो जाता है. उन्होंने बताया की पैसे के लालच में मेरा बहाली नहीं कर मेरे परिजन को फोन के माध्यम से एक दलाल द्वारा बुलाकर डेढ़ लाख रुपए की मांग की गई. जब पैसा देने में सक्षम नहीं हुए तो मुझसे विधवा प्रमाण पत्र मांग कर रहे हैं. जबकि विधवा प्रमाण नहीं बनता है. मैं अपने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र आवेदन में लगा चुकी थी. फिर भी मेरा विधवा होने का मजाक उड़ाया जा रहा है. 

वहीं जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने कहा मामला संज्ञान में लाया गया है. लिखित आवेदन परिजन दे तो आवश्यक कार्रवाई होगी. 

वहीँ मोहनिया के बीजेपी विधायक निरंजन राम ने सीडीपीओ पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का गाइडलाइन है कि विधवा को प्राप्त अंकों के प्रतिशत में 5% ग्रेस देना है. लेकिन नाहक परेशान करने की नियत से सीडीपीओ ने लवंग कुमारी का मजाक उड़ाते हुए विधवा प्रमाण पत्र बनाने की सलाह दे डाला और डेढ़ लाख रुपए की मांग उनके दलाल द्वारा किया गया. उन्होंने कहा की मैंने इस तानाशाही रवैया को लेकर संबंधित अधिकारी से शिकायत किया है. विधानसभा में भी इस बात को लेकर आवाज उठाऊंगा. इस सीडीपीओ के खिलाफ कई फर्जीवाड़ा के मामले सामने आए हैं. सरकार तक पहुंचाएंगे. 

कैमूर से देवब्रत की रिपोर्ट  

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