गया में किसान ने पेश की मिसाल, मूर्गीपालन से कर रहे हैं लाखों की कमाई

गया में किसान ने पेश की मिसाल, मूर्गीपालन से कर रहे हैं लाखों की कमाई

GAYA : किसानों का दर्द भले ही कम नहीं हो रहा हो। लेकिन किसान अपने जुनून के बल पर विभिन्न प्रकार की खेती के साथ गाय, मुर्गी,बत्तख पालन करने में जुटे हैं। लेकिन गया जिला में एक ऐसी खेती की शुरुआत की गई है जिसमें लाख रुपए पूंजी लगाने के बाद महीने में एक लाख रुपए की कमाई होने लगी हैं। 

औरंगाबाद जिला के एक किसान छोटन भगत को खेती में लाखों का नुकसान हुआ तो अपना घर छोड़कर बोधगया में पहुंचा। विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर से 5 किलोमीटर की दूरी पर कोल्हौरा गांव स्थित किराए की जमीन लेकर मुर्गी पालन की शुरुआत किया, जिसमें लाखों रुपए का नुकसान हो गया। उसके बाद वह व्यक्ति हार नहीं माना। उसके बाद गाय पालन की शुरुआत की। वह भी पूंजी उसका पानी में डूब गया। उसे फिर भी रहा नहीं गया और अपने लग्नता व मेहनत के आगे कदम बढ़ाते चला गया। वर्तमान समय मे छोटन भगत ने कड़क नाथ मुर्गी व बतख पालन शुरू किया। जिसमें लाख रुपये की लागत से हर महीने लाख रुपये की कमाई हो गई। बतख का अंडा 10 रुपये प्रति पीस के दाम से बिक्री किया जाता हैं। 

जबकि कड़क नाथ मुर्गी एक हजार रुपये किलो की दर से बिक्री होता हैं। हर रोज देशी व ताजा अंडा बोधगया के देशी विदेशी पर्यटकों को मिलेगा। साथ ही कड़क नाथ मुर्गी का मांस भी आसानी से उपलब्ध हो जायेगा। इस पशु  पालन की खेती कर लगभग एक लाख रुपये की कमाई करने में जुट गया हैं।  छोटन भगत की इस मुर्गी व बतख पालन को देखने से अन्य किसानों को भी बड़ी सीख मिल रही हैं। दूरदराज के लोग इस फॉर्म को देखने के लिये आ रहें हैं। जिसकी चर्चा भी गया जिला के किसानों में हो रही हैं। लगभग 10 कट्टे की जमीन किराये पर लेकर उसमें में शेड डाल कर फॉर्म  की शुरुआत किया हैं।

गया से संतोष कुमार की रिपोर्ट 

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