सीतामढ़ी में किसानों और मजदूरों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना, राज्य सरकार से की रीगा चीनी मिल चालू करने की मांग

सीतामढ़ी में किसानों और मजदूरों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना, राज्य सरकार से की रीगा चीनी मिल चालू करने की मांग

SITAMARHI : सीतामढ़ी के बंद पड़े रीगा चीनी मिल को फिर से शुरू करने की मांग को लेकर मिल के कर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता और किसानों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। सीतामढ़ी के रीगा चीनी मिल पर तकरीबन 300 करोड़ की देनदारी है। 


देनदारियों की वजह से चीनी मिल प्रबन्धन ने खुद को दिवालिया घोषित करके मिल को बंद कर दिया। चीनी मिल से जुड़े 40 हजार किसान और सात सौ कर्मी चीनी मिल के बंद होने की वजह से रातों रात सड़क पर आ गए। जिसके कारण किसान और मजदूर दोनों परेशान है।

बता दें की वर्ष 1933 में ब्रिटिश हुकूमत के दौरान जेम्स फिनले नामक एक अंग्रेज ने रीगा चीनी मिल की स्थापना की थी। वर्ष 1934 के भूकंप में मिल बंद हो गया। दो साल बाद फिर दूसरी कंपनी ने मिल का संचालन शुरू किया। वर्ष 1950 में ओपी धानुका के पिता पुरुषोत्तम धानुका ने इस मिल का अधिग्रहण किया। 

26 जननवरी, 1950 से रीगा चीनी मिल शुरू हुआ। तब इसकी क्षमता पांच हजार टन चीनी उत्पादन की थी। बाद में उनके पुत्र ओपी धानुका ने चीनी मिल की कमान हाथ में ली और उत्पादन क्षमता 60 हजार क्विंटल तक पहुंचा दिया। लेकिन, वर्ष 2020 में इस चीनी मिल को व्यवस्था की नजर लग गई और वर्ष 2021 में मिल पर ताला लटक गया। 

सीतामढ़ी से अविनाश की रिपोर्ट 

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