विवाहिता की हत्या में पिता-पुत्र को सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा, ये है मामला

विवाहिता की हत्या में पिता-पुत्र को सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा, ये है मामला

नवादा. दहेज के खातिर विवाहिता की हत्या से जुड़े मामले में सुनवाई पूरी करते हुए अदालत ने शुक्रवार को आरोपी पिता-पुत्र को सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में रोह थाना क्षेत्र के कोशी गांव निवासी नकुल चौधरी व उसका पुत्र धर्मेंद्र चौधरी शामिल है। पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने यह सजा सुनाई।


मामला रोह थाना कांड संख्या-63/15 से जुड़ा है। इसकी जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक भोला प्रसाद सिंह ने बताया कि मेसकौर सहायक थाना क्षेत्र के पसाढ़ी गांव निवासी प्रवीला देवी की शादी वर्ष 2010 में रोह थाना क्षेत्र के कोशी गांव निवासी नकुल चौधरी के पुत्र धर्मेन्द्र चौधरी के साथ हुई थी।

शादी के बाद कुछ समय प्रवीला का जीवन सुखमय कटा। बाद में दहेज के रूप में 50 हजार रुपये व एक मोटरसाइकिल को लेकर प्रवीला को प्रताड़ित किया जाने लगा। 2 अगस्त 2015 को प्रवीला की हत्या किए जाने की सूचना मायके के परिजनों को मिली। 

मृतक के भाई राजेंद्र चौधरी सहित अन्य लोग कोशी गांव पहुंचे तथा वस्तुस्थिति से अवगत होने के बाद रोह थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। अदालत में गवाहों द्वारा दिए गए बयान के आधार पर न्यायाधीश ने भादवि धारा 304 बी के तहत ससुर नकुल चौधरी व पति धर्मेन्द्र चौधरी को सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गयी है।

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