पंचायत चुनाव की गहमागहमी में गायब हुआ कोरोनावायरस का खौफ

पंचायत चुनाव की गहमागहमी में गायब हुआ कोरोनावायरस का खौफ

GAYA: पंचायत चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद से ही सभी जनप्रतिनिधि अपने अपने काम को लेकर गंभीर हो गए हैं. सरकार ने जो नियम कानून बनाए है उसके अनुसार सभी अपने को फिट बनाने में लगे हैं. कुछ ऐसा ही नजारा सिविल लाइन थाने में भी नजर आया.

गया शहर के सिविल लाइन थाने में सुबह 3 बजे से ही लंबी लाइन लगना शुरू हो जाती है. यह लाइन फरियादियों की नहीं बल्कि जनप्रतिनिधियों की है. थाने में आचरण प्रमाण पत्र बनाने के लिए काउंटर बनाया गया है. इस काउंटर पर लगभग रोज ही हजारों की संख्या में लोग आकर प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं.

भले ही नियमानुसार ये लोग पंचायत चुनाव लड़ने के योग्य हो जाएं मगर एक छोटी सी गलती सभी की जान पर भारी पड़ सकती है. लोग जिस तरह से हजारों की भीड़ लगाकर रोज ही थाने आते है, इससे शहर में कोरोनावायरस का खतरा कई गुना बढ़ रहा है. लाइन में लगे ये लोग मास्क लगाना तो भूल ही चुके हैं. बेहद कम ही लोग आपको यहां मास्क लगाए नजर आएंगे. इसी तरह सोशल डिस्टेंसिंग तो गायब ही है. प्रशासन के सामने ही इन सारे नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है, मगर सभी मौन हैं. मुखिया, वार्ड सदस्य, वार्ड सचिव सहित कई पदों की लिए आचरण प्रमाण पत्र अनिवार्य हो गया है इसलिए सभी की यहां आना मजबूरी है.

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