23 और 24 सितंबर को फिक्की का छठा नेशनल टूरिज्म इन्वेस्टर्स मीट, बिहार के पर्यटन विभाग भी लेगा हिस्सा, नई नीतियों के तहत बनाया जाएगा इको टूरिज्म हॉटस्पॉट

23 और 24 सितंबर को फिक्की का छठा नेशनल टूरिज्म इन्वेस्टर्स मीट, बिहार के पर्यटन विभाग भी लेगा हिस्सा, नई नीतियों के तहत बनाया जाएगा इको टूरिज्म हॉटस्पॉट

पटना. भारत की टूरिज्म इंडस्ट्री में फिर से नई जान फूंकने की कोशिश में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) छठा नेशनल टूरिज्म इनवेस्टर्स मीट (एनटीआईएम) 23 और 24 सितंबर को आयोजित करेगी. यह इवेंट नई दिल्ली में तानसेन मार्ग पर स्थित 1, फेडरेशन हाउस पर आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम के आयोजन में सभी सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा. बिहार पर्यटन भी इस सम्मेलन में भाग लेने जा रहा है. बिहार पर्यटन द्वारा इको पर्यटन को बढ़ावा देने पआर ज़ोर दिया जा रहा है. इस संदर्भ में एक प्रस्तुति की भी तैयारी है.

पर्यटन नीति, उत्पाद की पेशकश के विवरण के साथ निवेश योग्य परियोजनाओं की सूची, निवेशकों के लिए दिए जाने वाले प्रोत्साहन और निवेश से संबंधित कोई अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के विषय में प्रस्तुति दी जाएगी. इससे बिहार में पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन दिया जा रहा है और सैलानियों के लिए विशेष व्यवस्था किये जा रहे हैं. इस आयोजन के माध्यम से फिक्की का उद्देश्य कोविड के बाद के युग में देश के पर्यटन उद्योग को फिर से लॉन्च करने के लिए टूरिज्म के आधारभूत ढांचे में निवेश को प्रोत्साहित करता है. यह इस समय की सबसे बड़ी जरूरत है.

नेशनल टूरिज्म इनेस्टर्स मीट के छठे संस्करण में पर्यटन मंत्रालय, राज्य सरकार और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों समेत निवेश और कारोबारी समुदाय से जुड़े विभिन्न हितधारक एक ही प्लेटफॉर्म पर एकत्रित होंगे. इवेंट के दौरान विशेषज्ञ देश में पर्यटन के उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की निवेश की संभावना का पता लगाएंगे.

एनटीआईएम का सबसे बड़ा संस्करण माने जाने वाले इस आयोजन से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के आकर्षित होने की उम्मीद है. इस दो दिवसीय इवेंट के उद्घाटन समारोह में बिहार सरकार के माननीय पर्यटन मंत्री श्री नारायण प्रसाद, भारत सरकार में पर्यटन विभाग के महानिदेशक जी. कमलावर्धन राव और संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन, तकनीकी सहयोग और सिल्क रोड डिवेलपमेंट (यूएनटीडब्ल्यूओ) सुमन बिल्ला ने अपनी उपस्थिति से इवेंट की शोभा में चार चांद लगाए.

इस इवेंट में विभिन्न राज्य सरकारों की ओर से अपने-अपने प्रदेश में निवेश के योग्य पर्यटन सेक्टरों की प्रेजेंटेशन की जाएगी. इस कार्यक्रम में बिहार, गुजरात, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सरकार समेत विभिन्न राज्य सरकारों के प्रतिनिधि अपने-अपने राज्य में निवेश के अनुकूल टूरिज्म परियोजनाओं का प्रदर्शन करेंगी.

फिक्की की ट्रैवल, टूरिज्म और हॉस्पटिलिटी कमिटी के अध्यक्ष और ललित सूरी हॉस्पटिलिटी ग्रुप की सीएमडी डॉ. ज्योत्सना सूरी ने कहा, 'भारतीय पर्यटन उद्योग में विकास की असीमित संभावनाएं हैं. भारत और अन्य देशों में कोरोना की महामारी अब कम हो गई है, जो एक सकारात्मक संकेत है, जिससे यह सेक्टर फिर से उभर सकता है. एनटीआईएम की कई राज्य सरकारों के साथ भागीदारी है. विभिन्न राज्य सरकारों के प्रतिनिधि अपने राज्य के पर्यटन सेक्टर में निवेश की संभावनाओं को निवेशकों के सामने पेश कर उन्हें प्रोत्साहित करेंगे. मुझे पूरी तरह से यह विश्वास है कि एनटीआईएम का यह सेशन घरेलू अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित करेगा और इससे निश्चित रूप से पर्यटन के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे.'

फिक्की का मजबूती से विश्वास है कि भारतीय पर्यटन उद्योग में निवेश की संभावनाओं की पूरी तरह खोज करेंगे. रणनीतिक योजना से निवेश के लिहाज से इंटरनेशनल टूरिज्म मैप पर भारत पर्यटन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण डेस्टिनेशन बनकर उभरेगा. नागिया एंडरसन, एलएलपी, की “टूरिज्म इनवेस्टमेंट पोटेंशियल इन इंडिया” नॉलेज रिपोर्ट के अनुसार भारत की जीडीपी में पर्यटन उद्योग का योगदान 6.9 फीसदी और देश के कुल लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने मैं 8 फीसदी का योगदान है.

नॉलेज रिपोर्ट के अनुसार भारत की पर्यटन इंडस्ट्री की 3.5 फीसदी की वार्षिक दर के साथ विकास की उम्मीद है. रिपोर्ट में यह भविष्यवाणी की गई है कि 2029 तक भारतीय टूरिज्म सेक्टर का विकास 35 ट्रिलियन रुपयों (488 बिलियन डॉलर) तक पहुंचने और 6.7 फीसदी की दर से होने की उम्मीद है. पर्यटन उद्योग पूरी अर्थव्यवस्था में 9.2 फीसदी का योगदान दती है. भारत में इस अवधि में 30.5 मिलियन से ज्यादा विदेशी मेहमानों के भारत में आगमन की उम्मीद है.


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