वैशाली पुलिस का कारनामा, चमकी बुखार से मरने वालों बच्चों के परिवार वालों पर दर्ज की एफआईआर!

वैशाली पुलिस का कारनामा, चमकी बुखार से मरने वालों बच्चों के परिवार वालों पर दर्ज की एफआईआर!

PATNA :  वैशाली पुलिस का नया कारनामा सामने आया है। चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों के परिवार वालों पर ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। वैशाली के भगवानपुर थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। इसको लेकर हरिवंशपुर के लोगों में नाराजगी है।

बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 18 जून को चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों का हाल जानने मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच दौरा करने गए थे। हरिवशंपुर गांव के लोगों को लगा था कि नीतीश कुमार सड़क के रास्ते जाएंगे, इसी उम्मीद में लोगों ने उस रास्ते को जाम कर दिया। लेकिन प्रशासन को यह नागवार गुजरा। पानी के लिए और बुखार के इलाज की मांग को लेकर सड़क जाम किएजाने पर हरिवंशपुर गांव के 19 लोगों पर मामला दर्ज किया गया। इसमें 4 लोग ऐसे भी हैं, जिनके बच्चे चमकी बुखार से मरे हैं। 18 जून को भगवानपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार के बयान पर मामला दर्ज किया गया है। बता दें हरिवंशपुर गांव में भी 7 बच्चे चमकी बुखार से मरे थे।

हरिवंशपुर के लोगों को लगा था कि मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से मुजफ्फरपुर जाएंगे इसको लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। हालांकि सीएम नीतीश हेलीकॉप्टर से मुजफ्फरपुर गए थे। भगवानपुर पुलिस ने रोड जाम को लेकर 19 नामजद और 20 अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

हरिवंशपुर के लोगों ने बताया कि हमको लगा था कि मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से जाएंगे इसको लेकर हमलोगों ने सड़क जाम की थी ताकि सीएम को अपनी समस्याओँ से अवगत करा सकें लेकिन वे हेलिकॉप्टर से गए।

भगवानपुर पुलिस ने राजेश सहनी, रामदेव सहनी, उमेश मांझी और लल्लू सहनी को भी नामजद अभियुक्त बनाया है। जबकि इनके बच्चों की मौत भी चमकी बुखार से हुई है। इसको लेकर हरिवंशपुर वासियों ने न्याय की गुहार लगाई है।

 

 

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