दिवाली और दशहरा से पहले पटाखे हुए प्रतिबंधित, उत्पादन, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक

दिवाली और दशहरा से पहले पटाखे हुए प्रतिबंधित, उत्पादन, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक

DESK. दिवाली और दशहरे से पहले एक बड़ा फैसला लिया गया है। प्रदूषण को नियंत्रित करने के मकसद से दिल्ली में अगले साल 1 जनवरी 2023 तक पटाखों की ऑनलाइन बिक्री और डिलीवरी पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा सभी तरह के पटाखों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने एक बयान में कहा कि प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए एक कार्य योजना तैयार की जाएगी। 

उन्होंने कहा, दिल्ली की जनता को प्रदूषण के खतरे से बचाने के लिए साल 2021 की तरह इस बार भी सभी तरह के पटाखों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक है, ताकि लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। इस बार दिल्ली में पटाखों की ऑनलाइन बिक्री और डिलीवरी पर भी रोक रहेगी। यह प्रतिबंध एक जनवरी 2023 तक लागू रहेगा। प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए दिल्ली पुलिस, डीपीसीसी और राजस्व विभाग के साथ मिलकर एक कार्य योजना तैयार की जाएगी।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों के उत्पादन, बिक्री, भंडारण व इस्तेमाल पर एक जनवरी 2023 तक पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर भी यह प्रतिबंध लागू होता है। राय ने ट्वीट किया, ‘‘ दिल्ली में लोगों को प्रदूषण के खतरे से बचाने के लिए पिछले साल की तरह ही इस बार भी सभी तरह के पटाखों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा रहा है, ताकि लोगों की जिंदगी बचाई जा सके।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ इस बार दिल्ली में पटाखों की ऑनलाइन बिक्री/डिलीवरी पर भी प्रतिबंध रहेगा। यह प्रतिबंध एक जनवरी 2023 तक लागू रहेगा।

प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने को लेकर दिल्ली पुलिस, डीपीसीसी (दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति) और राजस्व विभाग के साथ मिलकर कार्य योजना बनाई जाएगी।’’ दिल्ली सरकार ने पिछले साल भी 28 सितंबर से एक जनवरी 2022 तक राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों की बिक्री और उनके इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। पटाख जलाने से होने वाले प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता पैदा करने के लिए शहर की सरकार ने ‘‘पटाखे नहीं दिए जलाओ’’ अभियान भी शुरू किया था। पटाखों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों और विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी।


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