पहले कोरोना ने श्रावणी मेले पर लगी रोक, अब बाढ़ ने बिगाड़ दी पूरी स्थिति, दोहरी आर्थिक मार का सामना कर रहे हैं मनिहारी घाट के पूजन सामग्री विक्रेता

पहले कोरोना ने श्रावणी मेले पर लगी रोक, अब बाढ़ ने बिगाड़ दी पूरी स्थिति, दोहरी आर्थिक मार का सामना कर रहे हैं मनिहारी घाट के पूजन सामग्री विक्रेता

KATIHAR :  वह 2019 का समय था, जब इस पूरे इलाके में बोल बम के नारे गूंजते थे, हजारों कांवरिए देवघर जाने के लिए यहां से गुजरते थे। गंगा नदी में डूबकी लगाते थे। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है। कोरोना के कारण लगी रोक से यहां हजारों कांवरियों की जगह कुछ शिव भक्त ही पहुंच रहे हैं, गंगा में स्नान करने पर भी रोक लग गई है। यह कटिहार का पवित्र मनिहारी गंगा घाट है। जो अभी गंगा नदी में आए बाढ़ से पूरी तरह से घिर चुका है। यहां लोग सावन माह में  स्थानीय एवं अन्य लोग भी सावन माह में गंगाजल लेने या गंगा स्नान के लिए नहीं आ रहे हैं। जिसका असर घाट किनारे लगनेवाले पूजा पाठ और दूसरी सामग्रियों की दुकानों को उठानी पड़ रही है। जो फिलहाल दोहरी मार झेलने के कारण गहरे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

सावन में सोमवार का दिन बेहद खास होता है। आज सावन की अंतिम सोमवारी है। ऐसे में जहां घाट पर शिव भक्तों की भीड़ लगती थी, अब वहां गिनती के लोग नजर आ रहे हैं। मनिहारी घाट के पुरोहित दिनेश मिश्र बताते हैं इस रास्ते से झारखंड साहिबगंज होते हुए देवघर बाबा धाम जाने वाले लोगों का भीड़ लगी रहती थी। लेकिन मंदिर बंद होने के कारण यहां अब गिनती के लोग पहुंच रहे हैं। वहीं बाढ़ के कारण गंगा घाट की तरफ जानेवाले लोगों को पुलिस मारकर भगा देती है। अब जब मंदिर में भक्त ही नहीं पहुंच रहे हैं तो पुजारी की स्थिति कैसी होगी।

यहां पूजा का सामान बेचनेवाली महिला का कहना है कि इस बार कोई दुकानदारी नहीं है। कोई नहीं आ रहा है। जो लोग आते हैं, उसे भगा दिया जाता है। किसी तरह गुजारा चल रहा है और कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

श्याम की रिपोर्ट


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