पहले कोरोना, अब प्रदूषण ने देश की राजधानी में लगाया एक सप्ताह का लॉकडाउन, जानें क्या है केजरीवाल सरकार का आदेश

पहले कोरोना, अब प्रदूषण ने देश की राजधानी में लगाया एक सप्ताह का लॉकडाउन, जानें क्या है केजरीवाल सरकार का आदेश

NEW DELHI : दिल्ली में एक बार फिर से लॉकडाउन लगाने का ऐलान कर दिया गया है। लेकिन, इस बार यह बंदी कोरोना के कारण नहीं,बल्कि यहां बढ़ते प्रदूषण को लेकर किया गया है। कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान देश की राजधानी में वायू प्रदूषण को लेकर चिंता जाहिर की गई थी। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण को लेकर सरकार की तरफ से कोई योजना नहीं होने की बात कही थी। साथ ही कोर्ट ने सरकार को यह सलाह दी थी कि वह दिल्ली में कम से कम दो दिन का लॉकडाउन लगाएं. जिसके बाद दिल्ली सरकार ने तत्काल बैठक बुलाई और दिल्ली में एक सप्ताह के बंद का ऐलान कर दिया है। 

यह है नया आदेश 

बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में सोमवार से एक हफ्ते के लिए सभी स्कूल बंद रहेंगे। सिर्फ वर्चुअल क्लास चलेंगी। 14-17 नवंबर तक कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी का काम भी बंद किया जाएगा। सरकारी दफ्तरों को 100 फीसदी वर्क फ्रॉम होम किया जा रहा है तो दफ्तर भी बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में भी एडवाइजरी जारी की जाएगी कि वहां भी ज्यादा से ज्यादा लोगों को वर्क फ्रॉम दिया जाए। 

केंद्र से करेंगे चर्चा

केजरीवाल ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के सुझाव के अनुसार अगर दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति बदतर होती है हम लॉकडाउन लगाने के प्रस्ताव पर भी काम कर रहे हैं, सुप्रीम कोर्ट में जल्द ही इसको लेकर एक प्लान पेश करेंगे, जिस पर अलग-अलग एजेंसियों और केंद्र के साथ भी चर्चा की जाएगी।  

वहीं बैठक के बाद अब कई गाइडलाइन भी सामने आ गई हैं. गाइडलाइन के मुताबिक राजधानी में अब पार्किंग चार्ज में तीन से चार गुना तक की वृद्धि की गयी है. इसके अलावा ईंट के भट्टे भी कुछ दिन के लिए बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।  साथ ही दिल्ली में नियमित रूप से सड़कों की सफाई की जाएगी और पानी का भी छिड़काव कराने का भी फैसला लिया गया है। जिन सड़कों पर ज्यादा धूल रहती है, वहां पर ऐसी मशीनों का ज्यादा प्रयोग किया जाएगा. इसके अलावा पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है. लोगों से अपील हुई है कि वे दिल्ली मेट्रो या फिर बस का ज्यादा इस्तेमाल करें.

गाइडलाइन के अनुसार जनरेटरों का कम से कम प्रयोग किया जाना है. वहीं सड़कों पर लगे खानों के ठेलों पर भी कोयले के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है।  इस सब के अलावा उन लोगों पर जुर्माना लगाने की भी बात कही गई है जो खुले में कूड़े को जला रहे हैं या फिर जारी की गईं गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं.

बता दें कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में है और शनिवार को यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 499 पर पहुंच गया है। हालात को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए आज शाम एक आपात बैठक बुलाई थी। बैठक में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, पर्यावरण मंत्री गोपाल राय और दिल्ली के मुख्य सचिव ने हिस्सा लिया। इसमें प्रदूषण को काबू करने के लिए कई ठोस कदम उठाने पर चर्चा हुई।


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