राज्यसभा के इन पांच सदस्यों का कार्यकाल पूरा, दी गई भावभीनी विदाई

राज्यसभा के इन पांच सदस्यों का कार्यकाल पूरा, दी गई भावभीनी विदाई

राज्यसभा में भाकपा के डी राजा और अन्नाद्रमुक के डॉ वी मैत्रेयन सहित पांच सदस्यों को उनका कार्यकाल पूरा होने पर बुधवार को विदाई दी गई। डी राजा और मैत्रेयन के अलावा तीन अन्य सदस्य अन्नाद्रमुक के ही के आर अर्जुनन, आर लक्ष्मणन और टी रत्नावेल हैं। सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और पांच सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने की जानकारी दी।उन्होंने कहा कि इन सभी सदस्यों ने उच्च सदन में होने वाली बहसों, चर्चा आदि में हिस्सा लिया और अपने राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि इन सदस्यों ने कमजोर वर्गों के हितों के लिए, उनके उत्थान के लिए हमेशा आवाज उठाई।सभापति ने कहा कि इन सदस्यों ने सदन की गरिमा बढ़ाने तथा लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम योगदान दिया। 

सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने इन सभी सदस्यों के योगदान का जिक्र करते हुए उम्मीद जताई कि सदन में फिर उनकी वापसी होगी। आजाद ने कहा ‘‘मैत्रेयन पेशे से डॉक्टर हैं। वह प्रतिष्ठित ओंकोलॉजिस्ट हैं और अच्छी कमाई कर सकते थे। लेकिन वह राजनीति में आए और राज्य के हितों की बात आने पर उनका जुझारूपन सदन ने देखा।’’

 सभापति ने राजा की सराहना करते हुए कहा कि कल से उन्हें मुस्कुराता हुआ एक चेहरा नजर नहीं आएगा। सेवानिवृत्त हो रहे सभी सदस्यों ने कहा कि उन्हें सदन की कमी महसूस होगी। राजा ने कहा कि इस सदन में उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला और वह खासा अनुभव ले कर जा रहे हैं।उन्होंने कहा ‘‘कुछ काम अधूरे रह गए हैं। दलितों, पिछड़ों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आज भी भेदभाव का सामना करना पड़ता है जो नहीं होना चाहिए।’’

मैत्रेयन ने कहा कि उनकी पार्टी की नेता जे जयललिता ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें तीन बार इस सदन में भेजा। बोलते बोलते भावुक हो गए मैत्रेयन ने भाजपा के वरिष्ठ नेता अरूण जेटली का भी जिक्र किया। उन्हें अपने भाई की तरह बताते हुए मैत्रेयन ने जेटली के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले मार्गदर्शन के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह अपनी पार्टी और प्रधानमंत्री के बीच एक तरह से सेतु की भूमिका निभाते थे।मैत्रेयन ने हालांकि कहा कि एक बात उन्हें हमेशा खलेगी कि मई 2009 में श्रीलंका में बड़ी संख्या में तमिलों की जान गई थी लेकिन सदन की ओर से उन्हें श्रृद्धांजलि नहीं दी गई।

सपा के रामगोपाल यादव ने कहा ‘‘तमिलनाडु के सदस्यों ने अपने राज्य के हितों के लिए जिस तरह आवाज उठाई, वह अन्य दलों के सदस्यों के लिए अनुकरणीय है।’’ उन्होंने कहा कि तमिल होने के बावजूद मैत्रेयन हिंदी के गाने अच्छी तरह गाते हैं।यादव ने कहा कि सदन को इन सदस्यों की कमी महसूस होगी। 

शिवसेना के संजय राउत ने कहा ‘‘मैत्रेयन न केवल हिंदी गाने बल्कि मराठी गाने भी बहुत अच्छी तरह गाते हैं। ऐसे साथी कहां मिलेंगे?’’ राकांपा के माजिद मेनन, राजद के मनोज कुमार झा, बीजद के प्रसन्न आचार्य, तृणमूल कांग्रेस के मनीष गुप्ता, शिरोमणि अकाली दल के सुखदेव सिंह ढींढसा और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने भी अपने अपने दलों की ओर से सेवानिवृत्त हो रहे पांचों सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।

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