बाढ़ का कहर: दर्जनों लोगों का उजड़ा आशियाना, अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी अब तक नहीं मिली राहत सामग्री

बाढ़ का कहर: दर्जनों लोगों का उजड़ा आशियाना, अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी अब तक नहीं मिली राहत सामग्री

सुपौल. जिले में बाढ़ की तबाही का कहर लगातार जारी है. विभागीय अधिकारियों के सुस्त रवैये के कारण जिले में हजारों परिवार बाढ़ का दंश झेल रहें है. वहीं विभिन्न प्रखंडों में सैकड़ों लोगों का आशियाना बाढ़ के कारण उजड़ गया है. सदर प्रखंड के चेदैल मेरचा पंचायत के मेचरा गांव के वार्ड 18 में पिछले एक सप्ताह से भीषण कटाव जारी है. करीब 3 दर्जन से अधिक परिवारों का आशियाना बाढ़ के कारण उजड़ गया है.

स्थानीय लोगों ने बताया कि कटाव धीरे-धीरे तेज हो रहा है. कटाव के कारण कई लोग बेघर हो गए है. वहीं कई लोग बाढ़ की दशहत में जी रहे हैं. कटाव के डर के नदी के किनारे बसे सैकड़ो परिवार को रतजगा करना पड़ रहा है. मेरचा जिला परिषद क्षेत्र के पुर्व जिला परिषद परवेज नैयर ने बताया कि कोसी नदी में कटाव के कारण रोज दर्जनों लोग बेघर हो गए हैं. अगर समय रहते कटाव को रोका नहीं गया तो धीरे-धीरे पुरा गांव कट कर नदी में विलिन हो जाएगा समय रहते प्रशासन को इसको लेकर सख्त कदम उठाना चाहिए. अगर प्रशासन द्वारा इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया तो मेरचा गांव का अस्तित्व मिट जाएगा.

विस्थापित हो रहे लोग

कटाव के कारण विस्थापित हुए दर्जनों परिवार के सामने अब रहने के साथ खाने का संकट आन पड़ी है. कटाव के कारण गांव के मो. याकुब, हसमतुल्ला, रामचंद्र यादव,श्याम मंडल, देवनाथ मंडल, शत्रुधन पंडित, नरेश यादव, मो सदरे, वोलीउद्दिन, मो हैदर, मो इस्लाम, मो महेबुल, मो गुफरान, मो सर्रफुद्दिन, मो इबरान, लक्ष्मी यादव, सुभाष यादव,पप्पू यादव दीप नारयण यादव, सुदीश मंडल, मो हारुल, सफी मोहम्मद सहित अन्य कई लोगों का आशियाना उजड़ गया. बेघर हुए पीड़ितों ने बताया कि खाने पीने के साथ-साथ मवेशीयों के लिए चारा का प्रबंध भी नहीं हो पा रहा है. पीड़ितों ने कहा कि  समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अबतक राहत साम्रगी भी नहीं मिला है.

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