बिहार में बाढ़ का कहर : 13 जिले के किसान पूरी तरह बर्बाद, जन और धन दोनो की क्षति

बिहार में बाढ़ का कहर : 13 जिले के किसान पूरी तरह बर्बाद, जन और धन दोनो की क्षति

PATNA : बिहार में आई बाढ़ ने जबरदस्त कहर मचाया है। खासकर किसानों के लिए तो यह एक ऐसा अभिशाप साबित हुआ है जिससे वह बरसों तक उबर नहीं पाएंगे। हर वर्ष की तरह इस बार भी आयी बाढ़ के आगे बिहार लाचार रहा है।

कृषि विभाग के आकलन के मुताबिक राज्य में बाढ़ से ढाई लाख हेक्टेयर में लगी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। इतना ही नहीं नदियों के द्वारा बाढ़ के दौरान अपने साथ लाए गए बालू ने भी खेती का भविष्य भी चौपट कर दिया।

कृषि विभाग के आकलन के मुताबिक ढाई लाख हेक्टेयर में लगी फसल का मूल्य 353 करोड़ के बराबर है। विभाग ने किसानों के लिए 353 करोड़ की मांग आपदा प्रबंधन विभाग से की है। हालांकि बताया जा रहा है कि नुकसान का आकलन पूरी तरह नहीं हो पाया है, यह सिर्फ प्रारंभिक है। बाढ़ का पानी जब तक पूरी तरह से उतर न जाए तब तक सही मूल्यांकन संभव नहीं।

गौरतलब है कि लगभग 45 दिनों से ,खासकर उत्तर बिहार में आई बाढ़ ने जल तांडव मचा रखा है। जन के साथ-साथ धन का भी जबरदस्त नुकसान हुआ है। खासकर किसान तो बेमौत मारे गए हैं।

कृषि विभाग की माने तो उत्तर बिहार के 13 जिलों  के 144 प्रखंडों में बाढ़ ने जबरदस्त कहर मचाते हुए फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। धान और मक्का की फसलें बाढ़ में पूरी तरह बह गई। वही मधुबनी जिले के 1052 हेक्टेयर खेत पर कई इंच मोटी बालू की परत जम गई।

गौरतलब है की आपदा प्रबंधन विभाग उन्हीं किसानों को सहायता मुहैया कराता है जिनकी 33% फसल बर्बाद हुई हो। लेकिन यहां तो 13 जिलों के करीब करीब किसानों के फसल पूरी तरह बर्बाद हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग से 353 करोड़ की मांग की गई है ताकि प्रारंभिक तौर पर किसानों को राहत दी जा सके। 

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