नाव के सहारे सर्व शिक्षा अभियानः स्कूल सहित गांव में घुसा बाढ़ का पानी, विपरीत हालात में भी नहीं डिगा छात्रों का जज्बा

नाव के सहारे सर्व शिक्षा अभियानः स्कूल सहित गांव में घुसा बाढ़ का पानी, विपरीत हालात में भी नहीं डिगा छात्रों का जज्बा

SAMASTIPUR: बिहार में पढ़ाई को लेकर छात्र हमेशा ही गंभीर रहते हैं। बिहार से ही सबसे ज्यादा IAS/IPS सहित अधिकारी बनते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि छात्रों में पढ़ने की ललक होती है, जो उन्हें हमेशा लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ने को प्रेरित करती है। ऐसा ही एक नजारा देखने को मिला है समस्तीपुर जिले से, जहां बाढ़ के पानी के बीच भी बच्चे स्कूल आकर पढ़ने को तैयार हैं।

जिले के कल्याणपुर प्रखंड के मुड़वाराखर, पश्चिमी पीरा जटमालपुर, मनकोली, कमरगामा, नमापुर सहित दर्जनों गांव इस वक्त बागमती नदी की चपेट में है। इन दिनों बागमती सहित कई नदियां उफान पर है, जिसके कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नदियों के जलस्तर में दूसरी बार वृद्धि हो रही है। इससे निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। हालांकि समस्या चाहे कोई भी हो, जिंदगी रुकती नहीं है। बाढ़ की विभीषिका के बीच भी लोग किसी तरह गुजर-बसर कर रहे हैं। इसी बीच पीरा जटमालपुर इलाके के स्कूल में पानी लग गया है, जिस वजह से बच्चों को आने-जाने के लिए खासा मशक्कत करनी पड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि आसपास की बड़ी आबादी इस वक्त बाढ़ प्रभावित है और आवागमन के सभी रास्ते बंद हो चुके हैं। ऐसी विषम परिस्थिति में भी छात्रों का हौसला कम नहीं हुआ है। छात्र एकसाथ नाव के सहारे स्कूल के पास पहुंचते हैं और किसी तरह स्कूल पहुंचते हैं। स्कूल की भी हालात कुछ ठीक नहीं है। यहां भी पानी लगा ही हुआ है, जिससे परेशानी हो ही रही है।

इस मामले पर स्कूल के शिक्षक कहते हैं कि इसमें हम क्या ही कर सकते हैं। बाढ़ और पानी को कम करना हमारे हाथ में नहीं है। सरकार का आदेश है कि स्कूल खोलना है और पढ़ाई जारी रखनी है। हालांकि ऐसी परिस्थिति में ज्यादा दिन तक बच्चों को बुलाना उचित भी नहीं है। सभी शिक्षकों ने फैसला किया है कि इस मामले में आला अधिकारी को आज ही सूचित किया जाएगा, जिससे बच्चों की जान सांसत में ना आए।

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