बिहार लोक शिकायत निवारण कानून की उड़ रही धज्जियां, आदेश पारित होने के बाद भी नहीं खाली हुआ मुसाफिरखाना

बिहार लोक शिकायत निवारण कानून की उड़ रही धज्जियां, आदेश पारित होने के बाद भी नहीं खाली हुआ मुसाफिरखाना

PATNACITY : नदी थाना क्षेत्र के कच्ची दरगाह स्थित हज़रत मखदूम साह साहबुद्धिंन जगजोत रहमतुल्लाह अलेह के मज़ार के पास लगभग पौने दो करोड़ के लागत से बने मखदूम साह बाबा मुसाफिरखाना पर दबंगो का कब्ज़ा हो गया है. आपको बता दें कि 2012-13 में मुख्यमंत्री कोष से दोनों मुसाफिरखानों का निर्माण कराया गया था. जिसपर आज दबंगो ने अपना आशियाना बना लिया है. 

इस मज़ार के खादिर और  मुसाफिरखाना की देख रेख में लगे कच्ची दरगाह निवासी फिरोज अहमद ने दोनो मुसाफिरखाना को दबंगो से कब्जे से मुक्ति के लिए कई प्रयास किए. लेकिन दबंगो के सामने उनकी एक न चली. अंततः दोनो मुसाफिरखाना को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए उन्होंने 4 साल पहले से यानी 2016 में ही अनुमंडल लोक शिकायत निबारण पदाधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराई. 

उनके शिकायत को सही पाया गया. इसके बाद मुसाफिरखाना को अतिक्रमणमुक्त कराने का अंतरिम आदेश पारित है. इसके बावजूद अभी तक मुसाफ़िरखाना को मुक्त नही कराया गया है. फिर से खादिर फिरोज ने इसे कब्ज़ा मुक्त कराने के लिए अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराई. 

जून में ही इसे खाली कराने का अंतरिम आदेश फिर से पारित हो गया. जिसमें उन्होंने लोक प्राधिकार अनुमंडल पदाधिकारी पटनासिटी को 30 दिनों के अंदर दोनो मुसाफिरखाना को अतिक्रमणमुक्त कराने के निर्देश दोनो अंचलाधिकारी पटना सदर और फतुहा सीओ के माध्यम से  कराए जाने को कहा है लेकिन अभी तक अबैध कब्ज़ा मुक्त नही हुआ है. 

चूंकि आज से उर्स मेले की शुरुआत हो रही है और देश विदेश से इस समय मज़ार में आस्था रखने वाले लोग आते है जिन्हें मुसाफिरखाना खाली न होने पर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. 

पटनासिटी से रजनीश की रिपोर्ट 

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