शराबबंदी पर पूर्व मुख्यमंत्री मांझी ने फिर उठाया सवाल, पुलिसिया कार्रवाई को लेकर कही बड़ी बात

शराबबंदी पर पूर्व मुख्यमंत्री मांझी ने फिर उठाया सवाल, पुलिसिया कार्रवाई को लेकर कही बड़ी बात

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले शराबबंदी को लेकर सजग और सख्त रुख अपनाए हुए हैं लेकिन उनकी सरकार के साझीदार हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) के अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर शराबबंदी पर सवाल उठाया है. उन्होंने शराब के मामलों में पुलिसिया कार्रवाई में भेदभाव करने की बात कही है. 

मुजफ्फरपुर में शुक्रवार को मांझी ने कहा कि शराबबंदी के कार्रवाई में भेदभाव किया जा रहा है. शराबबंदी से गरीबों को परेशानी हो रही है. वहीं रसूखदार लोगों पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है. उन्होंने शराब से संबंधित मामलों में पुलिस की छापेमारी को भेदभावपूर्ण करार दिया. मांझी ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिसमें पुलिस ने भेदभावपूर्ण तरीके से कार्रवाई की.

यह पहला मौका नहीं है जब पूर्व मुख्यमंत्री ने बिहार में शराबबंदी के खिलाफ मुंह खोला हो. इसी सप्ताह 15 दिसम्बर को भी मांझी ने शराबबंदी को लेकर राज्य सरकार को खूब सुनाया था. उन्होंने गरीबों को सुझाव देते हुए यहाँ तक कह दिया था कि - लिमिट में शराब पियो और पीकर बाहर मत घूमो. मांझी ने कहा कि बिहार में जज, IAS, IPS, डॉक्टर, इंजीनियर और सभी धनवान लोग रात 10 बजे के बाद शराब पीते हैं. इसलिए गरीबों को उनसे सीख लेनी चाहिए.

मांझी के इस बयान पर खूब हंगामा मचा हुआ है. ऐसे में एक बार फिर से मांझी ने शराबबंदी को लेकर सवाल उठा दिया है. मांझी को इस मुद्दे पर विपक्षी दल राजद का भी साथ मिला है. लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इस मुद्दे पर मांझी के समर्थन में ट्वीट किया है. 


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