शराबबंदी कानून के बहाने पूर्व सीएम जीतन राम ने सीएम नीतीश पर बोला हमला, कहा-सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली

NAWADA : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा है कि अगर केन्द्र और बिहार में महागठबंधन की सरकार बनती है तो शराबबंदी कानून को खत्म कर देंगे। मांझी ने यह एलान एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए किया है।  

नवादा में एक जनसभा को सम्बोधित करने पहुंचे पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने सीएम नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला। मांझी ने नीतीश कुमार के शराबबंदी कानून को तालीबानी फैसला करार देते हुए कहा कि यदि केंद्र में यूपीए और बिहार में महागठबंधन की सरकार बनती है तो वे इस शराबबंदी कानून को खत्म कर देंगे। 

उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून से केवल गरीब एवं शोषित समाज के लोगों को प्रताड़ित किया गया है। हज़ारों- लाखों लोगों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया है।मांझी ने कहा कि शराबबंदी कानून लागू होने के बाद प्रदेश में शराब माफियाओं का बोलबाला बढ़ गया है। अब माफिया लोग ही इससे पैसे कमा रहे हैं। मांझी ने कहा कि माफियाओं पर ऐसे कानून से कोई असर पड़ने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से केवल बड़े-बड़े शराब कारोबारियों को फायदा पहुंचा है।
 
 जीतन राम मांझी ने कहा कि शराब नहीं मिलने के कारण समाज के लोगों ने देवी-देवताओं की पूजा करना छोड़ दी है। मेरे घर में भी देवी- देवताओं की पूजा की जाती थी और उन्हें शराब चढ़ाया जाता था। मेरी मां भी पूजा करती थी। मगर वह कहते हैं कि अगर मेरी मां जिन्दा होती और अगर वह देवता पर शराब चढ़ाती तो उन्हें 10 साल की सजा हो जाती। इसलिए यह कहीं से ठीक नहीं है।
 
 उन्होंने यह भी कहा कि दारू को हम लोगों ने दवा के रूप में प्रयोग किया है। जब तक हमारे लोगों को शराब मिलता था तब तक हम लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती थी। उन्होंने नीतीश कुमार पर हल्ला बोलते हुए कहा कि सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को जाती है। तात्पर्य है कि पहले सभी टोले-मोहल्ले में शराब की दुकानें खुलवाई और आज उन्हें यही शराब खराब लग रही है। इसलिए इसे तालिबानी कानून कहा जायेगा और जबरन इसे लोगों के ऊपर से थोप दिया गया है।

नवादा से अमन सिन्हा की रिपोर्ट

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