चकाई के अति नक्सल प्रभावित ठाढ़ी पंचायत में पूर्व विधायक सुमित सिंह ने किया जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन, उमड़ी लोगों की भीड़

चकाई के अति नक्सल प्रभावित ठाढ़ी पंचायत में पूर्व विधायक सुमित सिंह ने किया जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन, उमड़ी लोगों की भीड़

JAMUAI : चकाई के पूर्व विधायक सुमित कुमार सिंह ने आज अति नक्सल प्रभावित ठाढ़ी पंचायत में एक जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सुमित सिंह ने इस बात की जानकारी अपने फेसबुकवाल पर देते हुए उसकी तस्वीर भी पोस्ट की है। 

इस जनसंवाद से संबंधित जन संवाद कार्यक्रम की तस्वीर पोस्ट करते हुए सुमित कुमार सिंह ने अपने फेसबुक वॉल पर भी लिखा है कि शासन-प्रशासन, व्यवस्था को नागरिकों के द्वार तक पहुंचाना ही मेरी राजनीति का मूलमंत्र है। जनता ही मालिक है, व्यवस्था उसकी सेवक। विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री सब जनता जनार्दन के आदेशपाल हैं, उनके सेवक हैं। इसको पुनर्स्थापित करने को ही राजनीति में आया था। इसको मैंने अपने कार्यकाल में भरसक निभाने का प्रयास किया। 

सुमित कुमार सिंह ने लिखा है कि वह क्षेत्र के बेटे हैं और समाज के मुख्यधारा से नक्सली विचारधारा के लोगों को जोड़ना है ही उनका मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि भटके हुए युवाओं को समाज के मुख्य धारा से जोड़ेंगे। वे उनके भाई बंधु हैं उन्हें समाज से तिरस्कृत नहीं किया जा सकता।

उन्होंने आगे लिखा है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सानिध्य में मेरी यह मंशा और मजबूत हुई। इसी मनोदशा का परिणाम है कि मैं चकाई-सोनो के हर घर का अपना बेटा, भाई, सेवक, बंधू बन गया। ऐसे में मैं उनसे दूर तो कतई नहीं हो सकता। इसलिए चकाई के ठाढ़ी पंचायत में ठाढ़ी मध्य विद्यालय के प्रांगण में जनसंवाद में शिरकत करने का निर्णय किया। 

उन्होंने लिखा है जब मैंने ठाढ़ी पंचायत में जनसंवाद का निर्णय लिया तो हमारे सभी शुभचिंतक सशंकित हो गए, वे इस अति नक्सल प्रभावित इलाके में कार्यक्रम करना नहीं चाहते थे। लेकिन वहां के आम लोगों, आदिवासी भाई बंधुओं, मां-बहनों के भरोसे को कायम रखने के लिए उन सब आशंकाओं को दरकिनार कर मैं वहां पहुंच गया। लेकिन वहां जो उपस्थिति थी वह तो किसी को भी हतप्रभ कर सकती है। 

सुमीत सिंह ने लिखा है कि तस्वीरों में देख सकते हैं। यह भावुक कर देने वाला स्नेह, यह उद्गार, इस अपनापन के लिए सब कुर्बान! वह जीवन किस काम का जब इनके बीच न जा पाऊं। इनका साथ न दे पाऊं, इनकी सेवा के लिए इनके बीच न पहुंच पाऊं। 

मुझे गर्व है कि 2010-15 के दौरान चकाई विधानसभा क्षेत्र के लिए जितने कार्य हुए वह बिहार में कीर्तिमान है। विकास कार्य तो बहुत हुए, वह रिकॉर्ड कायम है। आदिवासी समुदाय के बीच भी प्रशासन का कैम्प लगा कर सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलवाया, कई विशिष्ट प्रयास किये। लेकिन फिर भी अपने सबसे उदार एवं भोले-भाले आदिवासी भाई-बहनों के लिए जितना करना चाहता था वह नहीं कर पाया। 

उन्होंने लिखा है अवसर मिला तो इस बार आदिवासी भाई-बहनों के लिए बिहार ही नहीं, देश में सबसे अधिक कार्य चकाई विधानसभा क्षेत्र में होगा। जब मैंने संथाली में अपना संवाद शुरू किया और उन्होंने जिस तरह से अभिवादन किया, उस आनंद को सिर्फ महसूस किया जा सकता है, वह अवर्णनीय है। जो सरजमीं से दूर हैं उनके लिए अकल्पनीय है।

मौके पर उपस्थित आदिवासी मां-बहनों समेत सभी समुदाय के लोगों ने अपना हाथ उठाकर पूर्ण समर्पण से साथ देने का भरोसा दिया तो मैं भावुक हो गया। उनका निश्छल अनुराग अनमोल है, उन्होंने जिस तरह अभी दिल की भावनाओं को प्रकट किया, वह तो मेरे लिए अविस्मरणीय है। इस अवसर पर मुखिया प्रतिनिधि सुरेंद्र मरांडी जी, पंचायत समिति सदस्य रमेश हेम्ब्रम जी, श्रवण हांसदा जी, लुगानी हांसदा जी, विनोद मुर्मू जी, प्रदीप यादव जी, अशोक वर्णवाल जी, राजेश वर्णवाल जी, महादेव यादव जी, सुरेश लाल वर्णवाल जी, ब्रह्मदेव यादव जी, लखन पासवान जी, जदयू प्रखंड अध्यक्ष राजीव रंजन पांडेय जी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय आदिवासी माता बहनें और स्थानीय लोग मौजूद थे।

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