मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर ने मांगा अपने लिए संरक्षण, सुप्रीम कोर्ट ने कहा -पहले अपने लोकेशन की दो जानकारी

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर ने मांगा अपने लिए संरक्षण, सुप्रीम कोर्ट ने कहा -पहले अपने लोकेशन की दो जानकारी

NEW DELHI : सौ करोड़ वसूली कांड का भंडाफोड़ कर लंबे समय से गायब मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से अपने लिए संरक्षण की मांग की है। इस संबंध में उनकी तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।  हालांकि कोर्ट ने उन्हें संरक्षण देने से इनकार कर दिया है। बता दें कि एक दिन पहले ही मुंबई की  कोर्ट ने परमबीर सिंह को भगोड़ा घोषित करने की अनुमति दी है।

इस संबध सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय किशन कौल ने कहा पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को फिलहाल संरक्षण नहीं मिलेगा, जब तक ये बताया नहीं जाएगा कि वो कहां हैं? क्या आप देश में हैं? देश से बाहर हैं? कोर्ट ने कहा कि आप किसी जांच में शामिल नहीं हुए हैं. आप सुरक्षा आदेश मांग रहे हैं. हमारा शक गलत हो सकता है लेकिन अगर आप कहीं विदेश में हैं और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहे हैं तो हम इसे कैसे दे सकते हैं? 

22 नवंबर तक मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि आप 22 नवंबर तक अपने लोकेशन के बारे में जानकारी दें। इस पूरे मामले पर परमबीर की ओर से कहा गया कि अगर मुझे सांस लेने की इजाजत मिले तो मैं गड्ढे से बाहर आ जाऊंगा।

भगोड़ा घोषित करने की तैयारी में मुंबई पुलिस

लंबे समय फरार चल रहे परमबीर सिंह को मुंबई पुलिस  वांछित आरोपी घोषित कर सकती है और मीडिया सहित सभी संभावित स्थानों पर भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। इससे पहले मुंबई की कोर्ट ने परमबीर सिंह को भगोड़ा क्रिमिनल घोषित करने की अनुमति दे दी थी. जानकारी के मुताबिक- यदि वो 30 दिनों में कानून के सामने नहीं आते हैं, तो मुंबई पुलिस उनकी संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर सकेगी.

महाराष्ट्र के होटल रेस्टोरेंट से 100 करोड़ वसूली को लेकर आए थे चर्चा में

बता दें कि लगभग छह माह पहले परमबीर सिंह ने मुंबई के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार और जबरन वसूली का आरोप लगाया था. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में उन्होंने देशमुख पर हस्तक्षेप करने और हर महीने 100 करोड़ रुपये तक की जबरन वसूली करने के लिए पुलिस का उपयोग करने का आरोप लगाया था. उन्होंने मुकेश अंबानी बम मामले में जांच धीमी होने पर पद से हटाए जाने के कुछ दिनों बाद यह पत्र लिखा था. इस आरोपो के बाद महाराष्ट्र सरकार में भूचाल आ गया था। जिसके बाद अनिल देशमुख को न सिर्फ अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी, बल्कि फिलहाल जेल में बंद हैं। वहीं इस खुलासे के बाद से ही परमबीर सिंह के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है कि वह कहां पर हैं।


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