नीतीश कैबिनेट के पूर्व मंत्री व BJP विधायक ने ADM के खिलाफ की थी शिकायत, सरकार ने DM से जांच कराई...जांच में आरोप हुए फुस्स, अफसर को मिल गई क्लीन चिट
PATNA: भाजपा के एक विधायक ने एडीएम के खिलाफ रिश्वत मांगने का आरोप लगाया. शिकायत सरकार से की गई. इसके बाद जिलाधिकारी को इस मामले की जांच करने को कहा गया. जांच में पूर्व मंत्री सह वर्तमान भाजपा विधायक के आरोप प्रमाणित नहीं हुए। इसके बाद सरकार ने उक्त अधिकारी को क्लीन चिट दे दी है.
विधायक नारायण प्रसाद की शिकायत में दम नहीं....
नीतीश कैबिनेट के पूर्व पर्यटन मंत्री व वर्तमान भाजपा विधायक नारायण प्रसाद ने बेतिया के एडीएम राजीव कुमार सिंह के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत की जांच की गई.जांच के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने अपर समाहर्ता बेतिया राजीव कुमार सिंह के खिलाफ दिए गए परिवार पत्र को संचिकास्त करने का निर्णय लिया है. दरअसल नौतन के भाजपा विधायक नारायण प्रसाद ने तत्कालीन अपर समाहर्ता सह अपर जिला दंडाधिकारी बेतिया राजीव कुमार सिंह के खिलाफ शिकायत किया था. इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 27 फरवरी 2024 को बेतिया के जिलाधिकारी को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा.
एडीएम के खिलाफ चल रहा मामला हुआ खत्म....
बेतिया के जिलाधिकारी ने 5 जुलाई 2024 को जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया.जिसमें कहा गया है कि नौतन के अंचल अधिकारी भास्कर पर जमाबंदी संख्या 2150 के जमाबंदी धारक मदन मोहन प्रसाद के नाम से पुनः स्थापना करने में नौतन के अंचलाधिकारी भास्कर के विरुद्ध रिश्वत मांगे जाने संबंधी आरोप की जांच जिला स्तरीय निगरानी कोषांग के द्वारा की गई. संयुक्त जांच दल में अपर समाहर्ता बेतिया राजीव कुमार सिंह, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय कमलेश कुमार एवं भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता रमेश पंडित शामिल थे. परिवाद की जांच संयुक्त जांच दल के द्वारा किया गया है. अपर समाहर्ता पश्चिम चंपारण को व्यक्तिगत रूप से सीधे तौर पर आरोप के संबंध में कार्रवाई नहीं की जानी थी. जांच प्रतिवेदन में अंचल अधिकारी भास्कर एवं हल्का कर्मचारी के खिलाफ सक्षम प्राधिकार के स्तर से अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है. इस प्रकार अपर समाहर्ता पश्चिम चंपारण द्वारा उक्त जांच प्रक्रिया में व्यक्तिगत रूप से किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बऱती गई है. इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने पूरे मामले की समीक्षा की. इसके बाद एडीएम राजीव कुमार सिंह के खिलाफ चल रहे परिवार पत्र को खत्म करने का निर्णय लिया गया.