पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की बड़ी अपील, भारतवासियों को किसी के पदचिन्हों पर चलना है तो बेहतर हैं राजेन्द्र बाबू

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की बड़ी अपील, भारतवासियों को किसी के पदचिन्हों पर चलना है तो बेहतर हैं राजेन्द्र बाबू

पटना. पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को कहा कि भारतवासियों को अगर किसी का अनुसरण करना चाहिए तो वह देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद हैं. राजेन्द्र बाबू की जयंती पर पटना में श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद कोविंद ने उन्हें सभी के लिए अनुकरणीय बताया. उन्होंने कहा कि न सिर्फ आम लोग बल्कि राजेन्द्र बाबू के बाद देश में जितने भी राष्ट्रपति बने सबके लिए वे पूजनीय रहे. 

उन्होंने कहा, राजेंद्र बाबू भारत के पहले राष्ट्रपति थे और सबसे सबसे बड़े नेताओं में एक थे. उन्होंने देश को मार्गदर्शन दिया. सबसे बड़ी बात है कि उनके बाद देश में जितने भी राष्ट्रपति बने हैं उन सबके लिए वे पूजनीय है. मेरे लिए ही वे पूजनीय रहे हैं. हम राष्ट्रपति भवन में भी उनकी पूजा करते थे और आज भी करते हैं. संयोग से उनकी जयंती पर आज पटना आना हुआ है और आज उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. देश को यदि किसी को फॉलो करना है, किसी के पद चिन्हों पर चलना है तो उसमें राजेंद्र बाबू से बढ़िया कोई नहीं हो सकता है.

दरअसल, 3 दिसम्बर को राजेन्द्र बाबू की जयंती मनाई जाती है. एक दिन पूर्व ही बिहार पहुंचे रामनाथ कोविंद ने उन्हें पटना में श्रद्धांजलि दी. रामनाथ कोविंद देश के राष्ट्रपति बनने के पहले बिहार के राज्यपाल थे. उस समय भी वे राजेन्द्र बाबू की जयंती पर उन्हें स्मरण करते हैं. वहीं राष्ट्रपति बनने के बाद भी राष्ट्रपति भवन में यह सिलसिला बरकरार रहे. 

राजेन्द्र प्रसाद बिहार के सीवान के जीरादेई में पैदा हुए. उन्हें देश का प्रथम राष्ट्रपति बनने का अवसर मिला. 


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