कांग्रेस से निलंबित पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा, आलाकमान के इस फैसले ने बिहार के कांग्रेसियों का तोड़ा मनोबल

कांग्रेस से निलंबित पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा, आलाकमान के इस फैसले ने बिहार के कांग्रेसियों का तोड़ा मनोबल

NEWS4NATION DESK : कांग्रेससे निलंबित पूर्व केंद्रीय मंत्री और मधुबनी से निर्दलीय प्रत्याशीशकील अहमद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि बिहार की कुल 40 लोकसभा सीटों में से नौ सीटों पर चुनाव लड़ रही कांग्रेस को गठबंधन के हिस्से के रूप में कम से कम 12 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने चाहिए थे। पार्टी ने बिहार में बेहतर तरीके से समझौता नहीं किया। राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते इसे कम से कम 12 सीटें मिलनी चाहिए थीं। झुकी नीति की बजह से बिहार कांग्रेस का मनोबल टूटा है।

उन्होंने कहा कि गठबंधन का एकमात्र मकसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) को शिकस्त देना है, लेकिन मधुबनी सीट पर नई पार्टी के कमजोर उम्मीदवार को मैदान में उतारा गया। उन्होंने कहा, ‘बिल्कुल नई पार्टी द्वारा उतारा गया उम्मीदवार BJP को शिकस्त देने में काफी कमजोर है। इसलिए मैंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया।

पूर्व सांसद शकील अहमद ने कहा कि उनको जानकारी मिली है कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से सीटों को लेकर बातचीत करने वाले प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने RJD के एक नेता के प्रभाव में आकर इस सीट की मांग नहीं की। अहमद ने कहा कि उनका निलंबन हुआ है न कि पार्टी से निष्कासन और उन्होंने कांग्रेस नहीं छोड़ी है।
 
 अहमद ने कहा कि उन्होंने पार्टी से आग्रह किया था कि उनको पार्टी का चुनाव चिन्ह दिया जाए या निर्दलीय के रूप में उन्हें पार्टी का समर्थन दिया जाए। उन्होंने कहा, ‘मुझे समर्थन नहीं मिला और मतदान से एक दिन पहले निलंबित कर दिया गया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी से उनका सिर्फ निलंबन हुआ है निकाला नहीं गया है। ‘मैं कांग्रेस में था, कांग्रेस में हूं और अपनी पूरी जिंदगी कांग्रेस में रहूंगा।
 
 

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