कांग्रेस के चार जिलाध्यक्षों ने किया बैठक का बहिष्कार, चुनाव में अनदेखी किये जाने से हैं नाराज

कांग्रेस के चार जिलाध्यक्षों ने किया बैठक का बहिष्कार, चुनाव में अनदेखी किये जाने से हैं नाराज

PATNA : लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हुई करारी हार को लेकर बिहार प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम में जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में प्रदेश के चार जिलाध्यक्ष शामिल नहीं हुए है। जिनमें पूर्वी चंपारण, सीवान, अररिया और शेखपुरा जिला शामिल है। 

बैठक में इन जिलों के जिलाध्यक्षों के शामिल नहीं होने से ऐसे कयास लगाए जा रहे है कि इन जिलों में कांग्रेस जिलाध्यक्ष और कार्यकर्ताओं की अनदेखी करते हुए पार्टी ने महागठबंधन में शामिल दलों को यहां से प्रत्याशी खड़ा कर दिया था। जिसकी वजह से जिलाध्यक्षों में नाराजगी व्याप्त है।  

बता दें कि पटना के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम में लोकसभा चुनाव में हुई हार को लेकर मंथन के लिए बुलाई गई जिलाध्यक्षों की बैठक में हार पर हंगामा जारी है। 

प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा के नेतृत्व में चल रही इस बैठक में हार को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। 

कांग्रेस सांसद और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने दरभंगा सीट कांग्रेस को ना मिलने को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि मिथिलांचल का सीट हमारा जीता हुआ सीट था अगर कीर्ति आजाद को यह सीट मिलता तो जीत होती।

वहीं जिलाध्यक्षों की ओर से हार का कारण उम्मीदवारों के चयन को लेकर उठाया गया है। जिलाध्यक्षों का कहना है कि पहले तो राष्ट्रीय पार्टी होने के बावजूद महज 9 सीट दिया गया। जो किसी भी तरह से सम्मानजनक नहीं था।

वहीं सीटों के बंटवारे में भी खेल किया गया। कांग्रेस की स्थिति जहां-जहां अच्छी थी और वहां से जीत हो सकती है। उसे महागठबंधन में शामिल छोटे दलों को दे दिया गया। 

वहीं बैठक में राजद के साथ गठबंधन को लेकर पर सवाल खड़े किये जाने की बात सामने आ रही है। नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा राजद के अंदर मचे बवाल से कांग्रेस को नुकसान होने की बात की जा रही है। 

देवांशु प्रभात की रिपोर्ट

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