ग्राहकों से फ्रॉड! पटना के हीरा-पन्ना ने RERA को ही दिया गच्चा तो 'अग्रणी' ने वसूले करोड़ों रू, बिल्डरों की चालाकी अब नहीं होगी कामयाब

ग्राहकों से फ्रॉड! पटना के हीरा-पन्ना ने RERA को ही दिया गच्चा तो 'अग्रणी' ने वसूले करोड़ों रू, बिल्डरों की चालाकी अब नहीं होगी कामयाब

PATNA:  पटना के बिल्डर रेरा निबंधन के लिए फर्जीवाड़ा करने से बाज नहीं आ रहे। पटना की नामी कंपनी हीरा-पन्ना इंफ्रा ने जिस तरह से तथ्य छुपाकर रेरा से निबंधन लिया उसके बाद से निबंधित दूसरे प्रोजेक्ट पर भी प्रश्न चिन्ह खड़े होने लगे हैं. हीरा पन्ना ने रेरा को भी भारी गच्चा दिया,जब पता चला तब तक बिल्डर काम शुरू करा उस पर बुकिंग में न जाने कितने करोड़ की वसूली भी कर ली। हालांकि जिस तरह से रेरा ने सख्त रूख अख्तियार किया है और मीडिया में चर्चा हुई है इसके बाद अब यह संभावना जताई जाने लगी है कि हीरा-पन्ना इंफ्रा चालाकी आगे काम न आयेगी। 

 बिहार के सैकड़ों ग्राहक जो पहले लुट चुके हैं उन्हें थोड़ी आस जगी है। उन ग्राहकों को लगने लगा है कि पैसे की वापसी हो सकेगी। अब तक ग्राहकों को समझ में नहीं आ रहा था कि करड़ों रुपये का क्या होगा? क्या उनके पैसे वापस होंगे या नहीं.....जिस जमीन पर पहले अग्रणी होम्स ने प्रोजेक्ट बनाकर ग्राहकों से करोड़ों रू लिये उसी जमीन पर हीरा पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट्स ने रजिस्ट्रेशन करा बुकिंग शुरू की थी. देर से ही सही लेकिन रेरा ने अब जाकर सख्त कदम उठाया है। 

एक ही जमीन पर पहले अग्रणी फिर हीरा पन्ना ने शुरू की थी बुकिंग

पटना के रूपसपुर नहर रोड के सूरज सुमन नगर में अग्रणी होम्स ने 2013 में बिना निबंधन के ही बुकिंग शुरू कर दी थी. ब्लॉक ए, बी व सी प्रोजेक्ट के लिए ग्राहकों से एडवांस में करोड़ों रुपए लिए गए थे . बुकिंग शुरू की 2013 में और लैंड एग्रीमेंट किया गया 2018 में। अग्रणी होम्स के एमडी आलोक कुमार ने जमीन मालिक मनीष सिंह से 2018 में लैंड एग्रीमेंट किया. इसी साल प्रोजेक्ट के रजिस्ट्रेशन को लेकर रेरा में आवेदन दिया. लेकिन अचानक ही वर्ष 2019 में ही जमीन मालिक ने ग्राहकों को सूचना दिए बिना ही पैसे विवाद में लैंड एग्रीमेंट रद्द कर दिया. इसी बीच वर्ष 2019 में हीरा पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट के शरद केसरी ने उसी जमीन पर जमीन मालिक से लैंड एग्रीमेंट कर लिया। इस वजह से सूरज सुमन प्रोजेक्ट में निवेश करने वाले सैकड़ों ग्राहकों का पैसा फंस गया. शरद केसरी ने जमीन एग्रीमेंट के बाद द क्राउन नाम से आवासीय प्रोजेक्ट शुरू किया . 2021 में रेरा ने रजिस्ट्रेशन भी दे दिया . हालांकि मामले के खुलासे के बाद रेरा ने हीरा पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट के निदेशक से शो-कॉज पूछा है कि तथ्य छुपाने के आरोप में क्यों न आपका रजिस्ट्रेशन रदद् कर दिया जाए और जुर्माना लगाया जाए। रेरा ने हीरा पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के निदेशक शरद केसरी से 30 दिनों में जवाब मांगा है। 

हीरा पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट की खुल गई पोल

बिहार के कई बिल्डर अब तक ग्राहकों को ही धोखा दे रहे थे। अब तो अपार्मेंट निर्माण में लगे बिल्डर रेरा को ही गच्चा दे रहे। हीरा पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी ने तो रेरा को ही धोखा दे दिया। रेरा ने हीरा-पन्ना पर तथ्य छुपाने के आरोप में 'द क्राउन' के फ्लैट या अपार्टमेंट की बिक्री और अनुबंध पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। रेरा ने 29 सितंबर के आदेश में कहा कि तीस वर्किंग डे में जवाब दें.  रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी (रेरा) ने तथ्य छिपाकर विवादित भूमि पर परियोजना का निबंधन कराने के मामले को लेकर सख्त आपत्ति जताई है।इसके बाद निबंधन आइजी को पत्र लिखकर कहा है कि वे इस परियोजना से जुड़े किसी भी फ्लैट व अपार्टमेंट का निबंधन न करने का निर्देश दें। रेरा ने कंपनी के निदेशक शरद केसरी को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न आपकी परियोजना का निबंधन रद कर दिया जाए और आर्थिक दंड लगाया जाए? इसको लेकर कंपनी से 30 दिनों में जवाब मांगा गया है।

जिस भूमि पर निबंधन, उसपर किसी और कंपनी का अनुबंध

रेरा ने हीरा पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी को नोटिस दिया है और 30 दिनों में जवाब दाखिल करने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर रेरा एकतरफा निबंधन रद्द कर देगा। नोटिस के अनुसार, कंपनी ने सिकंदरपुर मौजा की जिस भूमि पर अपने परियोजना का निबंधन कराया है, उस पर मालिक ने 2013-14 में ही दूसरी कंपनी अग्रणी होम्स प्राइवेट लिमिटेड से अनुबंध किया था। ऐसे में रेरा ने यह तथ्य छिपाने पर हीरा-पन्ना कंपनी से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। ऐसे में खरीदारी की प्रक्रिया में जुटे लोगों की चिंता बढ़ गई है। अब देखना है कि कंपनी के जवाब के बाद रेरा क्‍या कदम उठाता है। 

दो बिंदूओं पर शो-क़ॉज

अब रेरा ने इस जुर्म में हीरा-पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी के निदेशक से जवाब मांगा है। तीस दिनों में निदेशक शरद केसरी को जवाब देना होगा। रेरा ने दो बिंदूओं पर जवाब मांगा है। पहला यह कि क्यों न रेरा की धारा -7 के तहत तुरंत प्रभाव से प्रोजेक्ट के निबंधन को रद्द कर दिया जाए। दूसरा यह कि क्यों न इस आरोप में जुर्माना लगाया जाए? अगर कंपनी तय समय में जवाब दाखिल नहीं करती है तो निबंधन रद्द कर दिया जाएगा।

फ्लैट की बुकिंग पर रोक

इसके साथ ही रेरा ने कंपनी के प्रोजेक्ट में फ्लैट बिक्री-एग्रीमेंट पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है। इस संबंध में निबंधन आईजी को पत्र भेजा गया है और इस कंपनी के द क्राउन अपार्टमेंट की फ्लैट निबंधन करने से मना करने का निर्देश दिया है। 

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